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‘मुखबिरी’ से रुकेगी कन्या भ्रूण हत्या-City

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‘मुखबिरी’ से रुकेगी कन्या भ्रूण हत्या
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- प्रदेश सरकार ने शुरू की योजना, टीम गठित
- मुखबिर, ग्राहक और सहायक को मिलेंगे पैसे
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए अब मुखबिर योजना शुरू हुई है। इसके लिए सरकारी अथवा अर्द्ध सरकारी कर्मचारी को मुखबिरी का जिम्मा दिया जाएगा। शक या सूचना मिलने पर कर्मचारी के जरिये ही संबंधित अल्ट्रासाउंड केंद्र, अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई करवाई जाएगी। मुखबिर को 60 हजार, मिथ्या ग्राहक को एक लाख और उसके सहायक को 40 हजार रुपये तीन किश्तों में दिए जाएंगे।
डिक्वॉय ऑपरेशन का उद्देश्य लिंग चयन, भ्रूण हत्या और अवैध रूप से गर्भपात के गैरकानूनी कार्य में लिप्त लोगों, केंद्रों, संस्थाओं या कोई अन्य के खिलाफ कार्रवाई कराना है। डिक्वॉय ऑपरेशन की प्रक्रिया के दौरान, पूर्व अथवा बाद में मुखबिर की पहचान गुप्त रखने के प्रयास किए जाएंगे। मुखबिर को विशेष कोड भी दिया जाएगा। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुधीर कुलश्रेष्ठ ने बताया कि राज्य और केंद्र सरकार की किसी सरकारी सेवा अथवा सहायतित निगम, निकायों, इकाइयों के अंतर्गत कार्यरत पुरुष और गर्भवती महिलाएं ही मुखबिर और मिथ्या ग्राहक बनाए जाएंगे। गर्भवती महिला को मिथ्या ग्राहक बनाने के लिए ऑपरेशन से पहले शपथ पत्र देना होगा। संबंधित अधिकारी लिंग चयन, भ्रूण हत्या, अवैध गर्भपात के गैरकानूनी कार्य में संलिप्त किसी केंद्र, संस्थान, व्यक्ति विशेष की उपलब्ध जानकारी का संज्ञान लेते हुए डिक्वॉय ऑपरेशन मिथ्या ग्राहक के जरिए चलवाएंगे। ऐसे ऑपरेशन में मात्र मिथ्या ग्राहक और सहायक को ही पुरस्कार की राशि दी जाएगी। मुखबिर अथवा मिथ्या ग्राहक बनने के लिए जनपद स्तर पर डीएम और सीएमओ से संपर्क किया जा सकता है।
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योजना के लिए जनपद स्तर पर डीएम अध्यक्ष, सीएमओ सदस्य सचिव के अलावा जनपदीय नोडल अधिकारी और जनपदीय सलाहकार समिति सदस्य होंगे। जनपदीय व राज्य स्तरीय डिक्वॉय समिति की बैठक हर तीन माह या आवश्यकतानुसार कम समय में होगी।
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राज्य स्तर से भी हो सकता संपादन
सूचना की संवेदनशीलता के हालात में राज्य स्तर से भी डिक्वॉय ऑपरेशन संपादित कराया जा सकता है। मुखबिरों, मिथ्या ग्राहकों द्वारा जब जनपदीय नोलड अधिकारी से संपर्क किया जाएगा, तब उन्हें इस योजना के नियम व शर्तों आदि की पूर्ण जानकारी प्रदान की जाएगी। यह अवश्य तय किया जाएगा कि वह योजना के अंतर्गत मुखबिर, मिथ्या ग्राहक, सहायक बनाने के लिए स्वेच्छा से इच्छुुक हैं। मुखबिर में प्राप्त सूचना की सत्यता स्थापित होने के बाद मिथ्या ग्राहक की व्यवस्था करते हुए डिक्वॉय ऑपरेशन संपादित कराया जाएगा।

घटा है शिशु लिंगानुपात
2001 2011 अंतर
भारत 927 919 8
यूपी 916 902 14
झांसी 886 866 20
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