मेडिकल कॉलेज को मिले 60 लाख रुपये
टैग: राहत
- असाध्य रोगियों पर करना होगा खर्च
- इलाज में नहीं आएगी कोई रुकावट
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
शासन ने महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कालेज को असाध्य रोगियों के इलाज पर खर्च करने के लिए 60 लाख रुपये का बजट दे दिया है। बजट मिलने से सबसे अधिक फायदा किडनी मरीजों का होगा। उनकी डायलिसिस के लिए सॉल्यूशन की खरीद की जाएगी।
असाध्य रोगियों के लिए शासन की ओर से हर साल बजट भेजा जाता है। इसके अंतर्गत किडनी, कैंसर, लिवर, हार्ट, इंसेफिलाइटस आदि मर्ज से पीड़ित बीपीएल कार्ड धारक मरीजों का नि:शुल्क इलाज किया जाता है। बीते मार्च में ही असाध्य रोगों का बजट खत्म हो गया था। इसके बाद शासन को पत्र लिखकर बजट की मांग की गई। बजट न मिल पाने की वजह से किडनी मरीजों का इलाज फंस गया। इस दौरान दो मरीजों की जान भी चली गई। बाद में मेडिकल कॉलेज ने जिला प्रशासन से आरोग्य निधि से बजट देने की मांग की। डीएम ने आरोग्य निधि से मेडिकल कॉलेज को 14 लाख रुपये दे दिए। इससे मरीजों का इलाज फिर शुरू हो सका। पैरीटोनियल डायलिसिस के लिए किडनी मरीजों को सॉल्यूशन दे दिया गया। यह बजट भी कुछ समय पहले खत्म हो गया था। प्रदेश सरकार ने असाध्य रोगियों के मद्देनजर 60 लाख रुपये का बजट जारी कर दिया है। मेडिकल कॉलेज के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हरीशचंद्र आर्या ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि बजट मिलने से मरीजों के इलाज में रुकावट नहीं आएगी।
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10 लाख ज्यादा मिले
असाध्य रोगियों के लिए सरकार हर साल 50 लाख रुपये का बजट भेजती थी। यह राशि खत्म होने के बाद कॉलेज की मांग पर फिर 10 लाख रुपये भेजे जाते थे। इस बार सरकार ने शुरू में ही 10 लाख रुपये अधिक का बजट भेजा है। मेडिकल कॉलेज में पंजीकृत असाध्य रोगियों की संख्या 85 है। बजट ज्यादा आने से मरीजों का बेहतर इलाज हो सकेगा।