फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बीकेडी में 30 जून तक लें प्रवेश-Dehat

विज्ञापन
विज्ञापन
बीकेडी में 30 तक लें प्रवेश
विज्ञापन

टैग: मिशन एडमिशन
- स्नातक और परास्नातक के कई कोर्स चल रहे
- मेरिट के आधार पर विद्यार्थियों का होगा प्रवेश
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
बुंदेलखंड महाविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। 30 जून तक छात्र-छात्राएं ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं। मेरिट के आधार पर विद्यार्थियों को दाखिला मिलेगा। छात्र बीकेडी में चल रहे स्नातक और परास्नातक के विभिन्न कोर्स में प्रवेश ले सकते हैं।
अनुदानित कॉलेज होने के कारण अधिकांश छात्र-छात्राएं बीकेडी में प्रवेश लेने की इच्छा रखते हैं। स्नातक के मद्देनजर देखें तो बीकेडी में बीए हिंदी, बीए अंग्रेजी, बीए इकॉनॉमिक्स, बीए मैथ्स, बीए भूगोल, बीए दर्शनशास्त्र, बीए समाजशास्त्र, बीए राजनीति शास्त्र, बीए इतिहास कोर्स में चल रहे हैं। इन सभी कोर्सों में लगभग 900 सीटें हैं। छात्रों के लिए फीस 780 और छात्राओं के लिए 648 है। वहीं, परास्नातक कोर्सों में एमए हिंदी, एमए अंग्रेजी, एमए राजनीति शास्त्र, एमए अर्थशास्त्र, एमए इतिहास, एमए/एमएससी मैथ और एमकॉम चल रहे हैं। इनमें 60-60 सीटों के साथ ही छात्रों की फीस 816 व छात्राओं की 636 रुपये प्रति वर्ष है। मौजूदा समय में बीकेडी में लगभग 3500 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं।
विज्ञापन


सुधार के लिए प्रयासरत
कॉलेज में खेलकूद को बढ़ावा देने, साफ-सफाई के साथ-साथ पढ़ाई का स्तर बढ़ाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। बंद हो चुके एनसीसी, एनएसएस को फिर शुरू कराया है। जो कमियां रह गई हैं, उन्हें दूर कराया जाएगा। - डॉ. बाबूलाल तिवारी, प्राचार्य।

बुंदेलखंड का पहला लॉ कॉलेज है बीकेडी
झांसी। शायद बहुत कम लोगों को पता होगा कि बुंदेलखंड में सबसे पहले लॉ की पढ़ाई बीकेडी में शुरू हुई थी। 1961 में बीकेडी को आगरा विश्वविद्यालय से एलएलबी की मान्यता मिली। बीकेडी से बुंदेलखंड ही नहीं मध्य प्रदेश के कई छात्र-छात्राएं ने एलएलबी में प्रवेश लेकर विधि की पढ़ाई की।
विज्ञापन

बुंदेलखंड के पुराने कॉलेजों में बीकेडी की गिनती होती है। 1949 में बीकेडी की स्थापना हुई थी। तब यहां पर बीए, बीकॉम कोर्स थे। बुंदेलखंड के सातों जिले के विद्यार्थी यहां पर पढ़ने के लिए आते थे। अनुदानित कॉलेज होने पर कम फीस के कारण हर छात्र की ख्वाहिश बीकेडी में प्रवेश पाने की होती थी। शिक्षण के साथ ही छात्र राजनीति के मामले में भी बीकेडी अहम स्थान रखता है। कॉलेज से निकलने वाले कई विद्यार्थी राजनीति, वन न्यायिक व प्रशासनिक समेत विभिन्न क्षेत्र में अपने झंडे गाढ़े हैं। झांसी की ही बात करें तो समाजवादी पार्टी से राज्यसभा सांसद चंद्रपाल सिंह यादव और गरौठा विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह यादव बीकेडी के छात्र रहे हैं। यहीं से छात्र राजनीति कर वो आज इस मुकाम पर पहुंचे हैं। वहीं, मौजूदा हाईकोर्ट के जज बच्चू सिंह, आजमगढ़ के जिला जज राजेंद्र सक्सेना ने भी बीकेडी से लॉ की पढ़ाई की है। बीकेडी प्राचार्य डॉ. बाबूलाल तिवारी भी यहीं से 1985-86 में छात्रसंघ अध्यक्ष बने। इसके बाद 1991 में लेक्चरर के तौर पर शिक्षण कार्य शुरू किया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें