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कोरोना का भय, सफर भी अब डर कर, एक ही दिन में चार सौ यात्रियों ने टिकट निरस्त कराए

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रिजर्वेशन कॉउंटरों पर टिकट कैंसिल कराते यात्री।
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झांसी। कोरोना वायरस के भय से तमाम यात्री ट्रेन और बस में सफर करने से बच रहे हैं। ट्रेनें और बसें खाली चल रही हैं। शनिवार को चार सौ यात्रियों ने अपने आरक्षित टिकट निरस्त कराए। इनमें अधिकांश मुंबई, वैष्णोदवी व शिरडी जा रहे थे। इसी तरह जनरल टिकट लेने वाले यात्रियों की संख्या भी लगातार घट रही है। रोडवेज बसों में भी दो हजार मुसाफिरों की संख्या कम दर्ज की गई।
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प्रतिदिन झांसी रेलवे स्टेशन से औसत 120 ट्रेनें गुजरती हैं। यह ट्रेनें बीना, इलाहाबाद, कानपुर और आगरा की तरफ जाने वाले ट्रैक पर दौड़तीं हैं। इन ट्रेनों में प्रतिदिन झांसी से सामान्य दर्जे में औसत 20 हजार और आरक्षित कोचों में करीब पांच हजार मुसाफिर सफर करते हैं। मगर इन दिनों मुसाफिरों में कोरोना वायरस को लेकर डर बना हुआ है। वे सफर करने से बच रहे हैं। खासकर दिल्ली, मुंबई, जम्मू, मनमाड की तरफ जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस, ताज एक्सप्रेस, पुष्पक एक्सप्रेस, निजामुद्दीन मुंबई एसी एक्सप्रेस, पंजाब मेल, श्रीधाम एक्सप्रेस, मालवा एक्सप्रेस, पठानकोट एक्सप्रेस, सदर्न एक्सप्रेस, गतिमान एक्सप्रेस, जबलपुर नई दिल्ली एक्सप्रेस, हबीबगंज निजामुद्दीन एक्सप्रेस आदि ट्रेनों में यात्रियों की संख्या में कमी आई है। पैसेंजर ट्रेनों में भी यात्रियों की संख्या घटी है।
इसी तरह झांसी से प्रतिदिन कानपुर, लखनऊ, ग्वालियर, दिल्ली, आगरा, सागर, ललितपुर, महोबा, छतरपुर की तरफ 120 रोडवेज की बसें चलती हैं। इन बसों में प्रतिदिन औसत पांच हजार मुसाफिर सफर करते हैं। मगर इन दिनों यह संख्या घटकर तीन हजार रह गई है। साथ ही बस चालक व परिचालकों को कोरोना वायरस पर मुसाफिरों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।
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दिन भर हो रही सफाई, मास्क पहनकर काम कर रहे कर्मचारी
रेलवे स्टेशन पर कोरोना वायरस को लेकर बेहद सतर्कता बरती जा रही है। शौचालयों में लगे नल, प्लेटफार्म पर लगे नल, बेंच, एस्केलेटर समेत जहां- जहां यात्रियों के हाथ ज्यादा लगते हैं उन जगहों को बार- बार साफ किया जा रहा है। आरक्षण, बुकिंग, टिकट चेकिंग, सफाई व अन्य विभागों के कर्मचारी मास्क पहनकर काम कर रहे हैं। प्लेटफार्म एक पर स्थित भोजनालय में मांसाहारी भोजन खाने वाले यात्रियों को हाथ साफ करने के लिए अल्कोहल सेनेटाइजर दिया जा रहा है। रोगियों के लिए रेलवे अस्पताल में पांच बेड का एक अलग आइसोलेशन वार्ड बना दिया गया है। साथ ही चार केबिन भी सुरक्षित कर दिए गए हैं। इसके अलावा आरपीएफ लाइन में एक नई बैरक को सुरक्षित कर लिया गया है। इस बैरक में 25 बेड हैं।
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