डाकघर में फर्जी खातों के जरिए करोड़ों रुपये हड़पने के मामले में अब 38 डाक कर्मचारी संदेह के दायरे में आ गए हैं। इन कर्मचारियों की विभागीय स्तर पर उच्च स्तरीय जांच कराई जा रही है। डाक अफसरों का कहना है अभी तक हुई जांच में 64 लाख रुपये के गोलमाल की पुष्टि हुई है। सभी खातों की पड़ताल के बाद यह रकम बढ़ सकती है।
डाकघर में पिछले माह अमानत में खयानत का बड़ा मामला उजागर हुआ था। डाककर्मियों ने मिलीभगत करके पहले फर्जी खाते खोले। उसके बाद रकम जमा करने की फर्जी एंट्री करके कुछ समय बाद वह पूरा पैसा निकाल लिया। मामले का भंडाफोड़ होने के बाद 24 डाककर्मी शक के दायरे में आए थे। जब इनकी जांच शुरू हुई तब अन्य डाककर्मियों की भी मिली भगत सामने आई।
डाक अफसरों के मुताबिक यह संख्या बढ़कर 38 हो गई है। जांच में मालूम चला कि इन कर्मचारियों ने फर्जी एंट्री करके लाखों रुपये जमा दिखाए। पैसा निकालने में इन कर्मचारियों की आपसी सांठगांठ रही। पिछले माह इस मामले के खुलासे के बाद से डाक विभाग में हड़कंप है। इस मामले में दो कर्मचारी निलंबित किए जा चुके। चार बचत अभिकर्ता की एजेंसी पर भी रोक लगाई गई है।
जांच कमेटी की ओर से जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
- वीके पांडेय, प्रवर डाक अधीक्षक