झांसी। वीआईपी से लेकर आम आदमी तक को निर्बाध बिजली सप्लाई करने में अहम भूमिका निभाने वाले संविदा श्रमिक, पेट्रोलमैन, लाइनमैन, ऑपरेटरों की कई समस्याएं हैं। इन सभी कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें उपकेंद्र पर आठ घंटे काम करने का दाम मिलता है, लेकिन अभियंता उनसे 12 घंटे काम ले रहे हैं। इससे झांसी, ललितपुर और जालौन के 115 सब स्टेशनों पर तैनात 1367 संविदा कर्मचारियों में आक्रोश है।
ग्रामीण क्षेत्र के उपकेंद्र पर काम करने वाले कर्मचारियों को महीन के 30 दिन काम करना पड़ता है। कर्मचारियों की कमी के चलते उपकेंद्र पर दर्ज होने वाली शिकायतों का समय से निराकरण नहीं हो रहा है। संविदा कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष सुंदरलाल का कहना है कि इतनी महंगाई में सिर्फ आठ हजार रुपये मानदेय मिलता है। इसके बाद भी कर्मचारियों से आठ घंटे की बजाय 12 घंटे काम लिया जा रहा है। लाइन चालू करना, राजस्व वसूली, कनेक्शन काटना और जोड़ना, ब्रेकडाउन, बिजली लाइन के आसपास आए पेड़ों की कटाई-छटाई का काम भी हम लोगों से लिया जा रहा है। बताया कि अभियंताओं के इस शोषण में वे श्रमिक नेता भी शामिल हैं, जो इसके खिलाफ आवाज उठाते हैं। संविदा कर्मचारियों के नेता और कोषाध्यक्ष कुंवर सिंह ने बताया कि अभियंताओं की बात नहीं मानने पर वह नौकरी से हटाने की धमकी भी देते हैं।
यह है मानक
यूपी पावर कारपोरेशन के निदेशक मंडल ने 33 केवी उपकेंद्र के एक फीडर पर एक शिफ्ट में तीन कर्मचारी को तैनात करने का मानक तय किया है। इन चार कर्मचारियों में एक लाइनमैन, एक पेट्रोलमैन और एक श्रमिक शामिल होने का प्रावधान है। इस गैंग की कार्य करनेे की अवधि आठ घंटे होती है। 24 घंटे में तीन शिफ्ट सुबह 8 से शाम 4 बजे, शाम 4 बजे से रात 12 बजे और 12 बजे से सुबह 8 बजे तक होती है। पावर कारपोरेशन ने इस मानक के आधार पर श्रमिकों की तैनाती करने के आदेश दिए हैं।
बाक्स
झांसी, जालौन और ललितपुर में कुल उपकेंद्र - 115
कुल संविदा कर्मचारियों की संख्या - 1367
केस नं. 1
मुन्नालाल पावर हाउस सब स्टेशन के आठ फीडरों का काम 15 संविदा कर्मचारियों के सहारे है। जबकि नियमानुसार एक फीडर पर एक गैंग में तीन से चार कर्मचारी होने चाहिए।
केस नं. 2
मेडिकल सब स्टेशन के 10 फीडरों पर 15 कर्मचारी हैं, जिससे कर्मचारियों की कमी के कारण संविदा कर्मचारियों से आठ घंटे की जगह 12 घंटे काम लिया जा रहा है।
वर्जन
उपकेंद्रों पर संविदा कर्मचारियों से एक शिफ्ट में आठ घंटे काम लेने का आदेश है। जो भी आठ घंटे के बजाय 12 घंटे काम ले रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - पार्थिव कुमार, मुख्य अभियंता