झांसी। एक तरफ कोरोना वायरस के बढ़ते असर से चिंताजनक हालात उत्पन्न हो गए हैं, वहीं दूसरी तरफ कोरोना को हराकर सकुशल घर लौटने का सिलसिला भी जारी है। अब तक 368 बुंदेले इस महामारी को मात देकर अस्पताल से डिस्चार्ज किए जा चुके हैं। इसमें कई गंभीर रोगी भी शामिल हैं, जिनकी जान मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों, कर्मचारियों ने बचाई है।
कोरोना महामारी झांसी में तेजी से पांव पसारती जा रही है। मौजूदा समय में झांसी में कोरोना संक्त्रस्मितों की संख्या 1177 पहुंच गई है। हालांकि, 31 फीसदी की अधिक दर से झांसी में मरीज ठीक भी हो चुके हैं। देश-प्रदेश के मुकाबले ये आंकड़ा भले की कम हो लेकिन झांसी के लोगों के लिए राहत भरा जरूर है। जिले में अब तक 368 मरीज ठीक हो चुके हैं। रविवार को ही 25 लोगों को डिस्चार्ज कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने बताया कि अस्पताल में टीबी, सांस, हृदय समेत कई असाध्य रोगों से पीड़ित मरीजों को भी कोरोना वायरस ने अपनी चपेट के ले लिया था। वो गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज में भर्ती हुए थे लेकिन मेहनत करके उनकी जान बचा ली गई।
स्वस्थ होकर लौटा मरीज, परिजन बोले-दूसरा जीवन मिला
झांसी। मेडिकल कॉलेज में 18 जून को भर्ती किए गए कोविड पॉजिटिव मरीज की हालत बेहद खराब होने पर आईसीयू में भर्ती किया गया था। कुछ ही समय में सेहत और खराब हुई तो वेंटिलेटर पर रखना पड़ गया। परिजनों को जैसे ही इसकी जानकारी हुई तो उनका दिल बैठ गया। परिजन काफी डरे हुए थे लेकिन धीरे-धीरे डॉ रामबाबू, डॉ छवि सहगल, डॉ महेश, डॉ मंडावी अग्रवाल और स्टाफ की मेहनत रंग लाने लगी। एक सप्ताह तक वेंटिलेटर पर रहने के बाद मरीज को उससे हटा लिया गया। एक महीने तक इलाज चलने के बाद मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो गया और शुक्त्रस्वार को उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया। इस पर मरीज की बेटी ने मेडिकल कॉलेज प्राचार्य को पत्र लिखकर डॉक्टर, कर्मचारियों का आभार जताया है।
अच्छी देखभाल हुई और समय से मिला खाना
झांसी। कोविड से जंग जीतकर लौटीं बैंक मैनेजर ने भी बेहतर देखभाल, समय से खानपान मिलने पर कॉलेज के डॉक्टरों, स्टाफ को धन्यवाद दिया है। इसके अलावा कोरोना से स्वस्थ होकर लौटे मां-बेटे ने भी कहा कि उन्होंने सोचा नहीं था कि कॉलेज में इतना बेहतर इलाज मिलेगा। सरकार की तरफ से यहां काफी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसका लाभ मरीजों को मिल रहा है।
कोरोना वायरस से संक्रमित हर मरीज हमारे लिए महत्वपूर्ण है। सभी मरीज स्वस्थ होकर घर जाएं, इसके लिए हमारा स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से तत्पर बना हुआ है। इसी का नतीजा है कि लगातार मरीज ठीक हो रहे हैं और उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज किया जा रहा है। आने वाले दिनों में ये संख्या और भी बढ़ेगी।
- आंद्रा वामसी, जिलाधिकारी
कोविड महामारी में मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर, कर्मचारी खुद की जान की परवाह किए बगैर पूरी मेहनत से मरीजों को स्वस्थ करने में जुटे हुए हैं। कई ऐसे मरीज भी ठीक किए जा चुके हैं, जो आईसीयू या वेंटिलेटर पर थे। कोविड के हर मरीज का बेहतर ध्यान व सुविधाएं दी जा रही हैं।
- डॉ. एनएस सेंगर, उप प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।