ट्रेन में ही बीतेगा समय तो कैसे डालेंगे वोट
झांसी। वोट डालने को लेकर जहां लोेगों में उत्साह व उमंग की लहर है तो वहीं सोमवार को ड्यूटी पर होने की वजह से रेलवे के कई रनिंग स्टाफ इससे वंचित रह जाएंगे। इसको लेकर कर्मचारियोें में मलाल भी है, लेकिन सही समय पर इस बार भी व्यवस्था न होने के कारण लोकतंत्र के महापर्व का हिस्सा नहीं बन सकेंगे।
निर्वाचन आयोग की ओर से शत - प्रतिशत मतदान के लिए प्रचार प्रसार किया जा रहा है। यहां तक कि सेना, पुलिस और दूसरे सरकारी विभागों में तैनात ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों की वोट डलवा दी जाती है, जो चुनाव ड्यूटी में रहते हैं। साथ ही मतदान के दिन सरकारी विभागों से लेकर गैर सरकारी विभागों तक में छुट्टी रखी जाती है, लेकिन रेलवे के कर्मचारियों को मतदान करने की सुविधा ही नहीं है।
झांसी से प्रतिदिन करीब डेढ़ सौ सवारी ट्रेनों का आवागमन होता है। इसमें करीब सौ ट्रेनों में झांसी से टीटीई, गार्ड व ड्राइवर ड्यूटी पर रवाना होते हैं। सोमवार को झांसी - ललितपुर लोकसभा सीट पर मतदान होना है। ऐसे में झांसी से सवार होने वाला करीब तीस प्रतिशत रनिंग स्टाफ मतदान के अधिकार से वंचित रह जाएगा। दरअसल वे सोमवार को ड्यूटी पर रहेंगे। इसका उन्हें मलाल भी रहेगा। अन्य कर्मचारियों की भांति अब तक डाकमत से मतदान करने की सुविधा रनिंग स्टाफ को नहीं है। इनमें से ज्यादातर रेलकर्मियों की मतदाता सूची में नाम भी हैं। वे मतदान करने का अधिकार रखते हैं, लेकिन ड्यूटी के कारण इस बार भी 30 प्रतिशत से अधिक रनिंग स्टाफ मतदान से वंचित रह जाएगा।
नाकाम रहा प्रशासन
इस संबंध में वरिष्ठ चालकों से पूछने पर उनका कहना है कि एसोसिएशन के अलावा व्यक्तिगत रूप से रेल प्रशासन से यह मांग की गई थी कि ऐसी व्यवस्था कराई जाए ताकि वे सभी वोटिंग कर सकें, लेकिन समय से मांग पूरी न होने के कारण इसका खामियाजा वोट न देने के रूप में भुगतना होगा।
छुट्टी मिलना संभव नहीं
रनिंग स्टाफ को ऐन वक्त पर छुट्टी मिलना मुश्किल होता है। मतदान वाले दिन सभी को एक साथ छुट्टी भी नहीं दी जा सकती है, जो बड़ी समस्या बन सकती है, क्योंकि इस स्थिति में ट्रेनें खड़ी हो जाएंगी। मतदान सुबह सात बजे से शुरू होगा। ऐसे में सुबह के समय अधिकांश ट्रेनों का आवागमन होता है। ड्यूटी से पहले पहुंचना पड़ता है।
लोकतंत्र के महापर्व में हिस्सा लेना सभी के लिए गौरव की बात है। ऐसे में ड्यूटी पर तैनात अन्य विभागों की भांति रेलवे में भी यह सुविधा दी जाए। किसी ने भी रेलवे के इन कर्मचारियों की तरफ ध्यान नहीं दिया, यदि ध्यान दिया जाता है तो वे वोट से वंचित नहीं होते।
आर एन यादव, मंडल सचिव - एनसीआरएमयू
रेलवे में तैनात चालक, गार्ड, स्टेशन मास्टर, टीसी, केबिन मास्टर, सिग्नल स्टाफ, ट्रैक अभियंता और अन्य रनिंग स्टाफ मतदान वाले दिन ड्यूटी पर होने की वजह से अपना वोट नहीं डाल पाते हैं। इसके अलावा जिन कर्मचारियों की रात में ड्यूटी होती है, वह दिन में ाराम करते हैं। ऐसे में उनको भी परेशानी होती है। लिहाजा रेलवे कर्मचारियों को भी सेना, पुलिस की भांति वोट देने की सुविधा देनी चाहिए।
- वीजी गौतम, मंडल सचिव - एनसीआरईएस