कविता के जरिये छात्राओं को दी सीख
झांसी। कॉलेजों में कविता अभियान के तहत कविताओं के जरिए युवा पीढ़ी में चेतना व मानवीय दायित्व बोध जागृत करने के लिए आर्य कन्या महाविद्यालय में एकल काव्य पाठ का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि वरिष्ठ कवि प्रो. जगदीश खरे अपनी चुनिंदा कविताएं सुनाकर छात्राओं को बदलते जमाने की सीख दी। इस दौरान छात्राओं और शिक्षिकाओं ने भी कविताएं प्रस्तुत कीं।
प्रो. खरे ने इस दौरान अपनी कई कविताएं प्रस्तुत कीं। इनमें रोजी-रोटी बनाम हथियार, बकरी की वेदना, अब वे गांव कहां, बदलते पिता, हमने इनके बाद छीन लिए ... सुनाईं। इस मौके पर डॉ. स्वाति भदौरिया और डॉ. शारदा सिंह के साथ मौजूद छात्राओं ने कविताएं प्रस्तुत कीं। इस दौरान बीयू के पत्रकारिता विभाग के उपाचार्य डॉ. सीपी पैन्यूली ने कहा कि कविताएं मां की लोरी की तरह होतीं हैं जो हमें दु:ख और अकेलेपन में साहस व संबल प्रदान करती है।
इससे पूर्व राष्ट्रीय सेवा योजन की प्रथम और द्वितीय इकाई ने सात दिवसीय विशेष शिविर के तीसरे दिन की शुरूआत योगा से की। इसके बाद मलिन बस्ती इंद्रानगर और सिद्धेश्वर नगर में घर-घर जाकर जल संरक्षण, स्वच्छता, साक्षरता के लिए स्थानीय लोगों को जागरूक किया तथा जल का दुरुपयोग न करने की अपील की। कार्यक्रम का संचालन प्रेमकुमार गौतम व आभार डॉ. शारदा सिंह ने जताया।