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तीन महीने और खिसका सीपरी बाजार ओवरब्रिज का काम
- पहले दिसंबर तक काम पूरा होने की थी उम्मीद
- उत्तराखंड में गार्डर बनने में हो रही देरी, अक्तूबर में मिलेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। सीपरी बाजार ओवरब्रिज का काम तीन महीने और खिसक गया है। इस काम के पहले दिसंबर तक पूरा होने की उम्मीद थी, लेकिन गार्डर मिलने में हो रही देरी के कारण ऐसा संभव नहीं हो पा रहा है। हालांकि, अभी चित्रा चौराहे की तरफ जहां गार्डर रखे गए हैं, वहां अक्तूबर तक शटरिंग बांधने, सरिया लगाने और सड़क बनाने का काम चलता रहेगा।
सीपरी बाजार ओवरब्रिज निर्माण में रेलवे के हिस्से के चारों पिलर बनाने और उनके ऊपर बीम डालने का काम पूरा हो गया है। चित्रा चौराहे की तरफ 36 मीटर के छह गार्डर रखे जा चुके हैं। इसमें एक गार्डर का वजन 75 टन है जो उत्तराखंड में बनकर आए हैं। अब पटरियों के ऊपर 50 मीटर के छह और सीपरी बाजार टंकी की तरफ 36 मीटर के छह गार्डर रखने का काम बाकी रह गया है। यहां के लिए उत्तराखंड में गार्डर बन रहे हैं, जो अक्तूबर तक मिल सकेंगे। पहले नवंबर में मेगा ब्लाक लेकर (रेल संचालन रोककर) पटरियों के ऊपर गार्डर रखने का काम होगा। दिसंबर में सीपरी बाजार टंकी की तरफ 36 मीटर के छह गार्डर रखने का काम होगा। इसके बाद एक साथ 50 और 36 मीटरों के गार्डर के बीच शटरिंग लगाने, सरिया बांधने और सड़क बनाने का काम होगा। इस काम में तीन महीने और लग जाएंगे। मार्च 2019 तक ही काम पूरा हो सकेगा। निर्माण शाखा के एक अधिकारी ने बताया कि काम रोका नहीं गया है। अभी जिस तरफ गार्डर रखे गए हैं, वहां शटरिंग लगाकर सरिया बांधने और कंक्रीट से भरकर सड़क बनाने का काम चलता रहेगा। अक्तूबर में गार्डर आने पर तेजी से काम होगा।
मालूम हो कि प्रदेश सरकार ने 2012 में ओवर ब्रिज निर्माण को स्वीकृति दी थी। राज्य सेतु निगम अपने हिस्से का काम 2016 में पूरा कर चुका है। रेलवे अपने हिस्से का काम पिछले दो साल से कर रहा है।