बिजली का कटा कनेक्शन ऑनलाइन, तो देने होंगे छह सौ रुपये
सब हेउ--- - पांच हजार से ऊपर बकाया वाले उपभोक्ताओं के काटे जा रहे कनेक्शन
- दो किस्त में देने होंगे रुपये, कंप्यूटर से मिल रही रसीद
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। महानगर मेें पांच हजार रुपये से ऊपर वाले बकायेदार उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे जा रहे हैं। बिजली कनेक्शन कटने पर उसकी जानकारी ऑनलाइन होने पर अब उपभोक्ता को छह सौ रुपये देने होंगे। इसमें तीन सौ रुपये बकाया जमा करने पर और बाकी रुपये अगले महीने के बिल के साथ जमा करने होेंगे।
बिजली विभाग पांच हजार रुपये से ऊपर का बिल होने पर उपभोक्ता को बकायेदार मान लेता है। इस बात का लाभ उठाकर कर्मचारी पांच हजार रुपये से ऊपर का बिल जमा करने पर छह सौ रुपये (कनेक्शन कटने और जोड़ने की फीस) की मांग करने लगते हैं। सौ, दो सौ या तीन सौ रुपये कम भी दो तो कर्मचारी बिल जमा करने को तैयार हो जाते हैं। जबकि, नियम है कि कनेक्शन कटने पर उपभोक्ता से कटने व जोड़ने की फीस ली जाए। मगर, विभाग ने अब कनेक्शन कटने की व्यवस्था को ऑनलाइन कर दिया है।
बिजली विभाग की टीम कनेक्शन काटने के बाद उपभोक्ता को लाल रंग की पर्ची दे रही है, जिस पर बकाये की जानकारी होती है। इस पर्ची को अब ऑनलाइन कर दिया गया है। उपभोक्ता जब बिल जमा करने जाएगा तो उससे तीन सौ रुपये उसी स्थिति में लिए जाएंगे, जब उसे दी गई पर्ची ऑनलाइन होगी। तीन सौ रुपये की पर्ची भी कंप्यूटर से मिलना शुरू हो गई है। बाकी के तीन सौ रुपये अगले महीने के बिल के साथ जमा कराए जा रहे हैं।
इस संबंध में अधिशासी अभियंता (प्रथम) गौरव कुमार ने बताया कि कनेक्शन कटने की ऑनलाइन व्यवस्था को लागू कर दिया गया है। साथ ही पांच हजार रुपये से ऊपर बकाये के कनेक्शनों को लगातार काटा जा रहा है। उपभोक्ता परेशानी से बचने के लिए समय रहते अपने बिल जमा कर दें।
सबस्टेशनों पर बढ़ी संविदा कर्मियों की संख्या
बिजली सबस्टेशनों पर मेंटेनेंस काम के लिए ठेकेदार के संविदा कर्मचारियों की तैनाती है। यह कर्मचारी सबस्टेशन व लाइन मेंटेनेंस, फाल्ट ठीक करने, पेड़ काटने और नए कनेक्शन में मीटर लगाने जैसे सभी काम करते हैं। अभी तक हर सबस्टेशन पर 20 से 22 कर्मचारी तैनात थे, जिनको पांच गैंग में बांटा गया था। एक गैंग में एक लाइनमैन और दो कुली रहते थे। इनमें दो-दो गैंग सुबह और दिन की पाली और एक गैंग रात की पाली में तैनात रहती थी। बचे कर्मचारी कनेक्शन काटने की टीम में लगे थे। मगर, दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम ने एक अप्रैल से सबस्टेशनों के नए ठेके कर संविदा कर्मचारियों की संख्या आधी से भी कम कर दी गई थी। संविदा कर्मचारियों की कमी के कारण मेंटेनेंस कार्य और कनेक्शन काटने में हो रही परेशानी को देखते हुए प्रबंध निदेशक के आदेश पर पूर्व की तरह कर्मचारी रख दिए गए हैं।