आंसू से भीगे परिजनों को गमगीन पड़ोसियों ने खिलाया खाना
मेवातीपुरा हत्याकांड का शिकार बनी सुनंदा के घर नहीं जला चूल्हा
होनहार दीदी की याद में भाई-बहन के भी नहीं रुक रहे आंसू
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
मेवातीपुरा में शनिवार तड़के हुए हत्याकांड का शिकार बनी सुनंदा के घर में दूसरे दिन भी चूल्हा नहीं जला। परिजनों के आंसू नहीं रुके तो पड़ोसी भी गमगीन है। किसी तरह पड़ोसियों ने समझा-बुझाकर उन्हें भोजन कराया। अपनी होनहार दीदी की असमय मौत से दुखी उसके छोटे भाइयों और बहन का भी हा बेहाल है।
सुनंदा चार भाई-बहनों में सबसे बड़ी थी। उसकी छोटी बहन सोनाली, भाई शिवम और अनमोल हैं। सुनंदा बुंदेलखंड महाविद्यालय में बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। पिता सुबोध वर्मा ने बताया कि सुनंदा पढ़ाई में होशियार थी और हमेशा अव्वल रहती थी। छोटे भाइयों और बहन को पढ़ाने की जिम्मेदारी भी वह खुद निभाती थी। उसकी असमय मौत का किसी को भरोसा नहीं हो रहा है। शनिवार शाम पोस्टमार्टम के बाद सुनंदा का उन्नाव गेट के पास स्थित श्मशान घाट पर उसका अंतिम संस्कार किया गया।
रविवार को उनके घर सांत्वना देने रिश्तेदारों का जमावड़ा लगा रहा। लगातार दूसरे दिन भी उनके घर चूल्हा नहीं जला। रो-रो के बेहाल परिजनों को पड़ोसी और रिश्तेदार समझाते रहे। उसकी मां रानी का हाल सबसे खराब है। उनकी आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। पड़ोसियों ने किसी तरह समझाकर पूरे परिवार को भोजन कराया।
एक साथ विसर्जित होंगी दादी-पोती की अस्थियां
मंगलवार को सुनंदा की दादी का निधन हो गया था। अभी अस्थियां विसर्जन की तैयारी चल रही थी। इसी बीच शनिवार को सुनंदा की हत्या हो गई। अब दो-तीन दिन में परिजन इलाहाबाद जाकर दादी व पोती की अस्थियां एक साथ विसर्जित करेंगे।