होली के लिए अभी से बुक होने लगीं ट्रेनों में सीटें
शनिवार से शुरू हुआ पांच मार्च तक के लिए आरक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
होली इस बार दो मार्च को है। शनिवार को ट्रेनों में तीन मार्च तक के रिजर्वेशन मिलना शुरू हो गए हैं। इस कारण यात्रियों ने अभी से होली पर सीटें बुक कराना शुरू कर दिया है। कुछ महत्वपूर्ण ट्रेनों में तो गिनी चुनी सीटें ही बची हैं।
होली पर तीन-चार दिनों की छुट्टी पर बड़ी संख्या में लोग धार्मिक व पर्यटन स्थलों पर घूमने जाते हैं। अनेक लोग होली पर वैष्णो देवी (जम्मू), शिरडी के साईं बाबा, हरिद्वार आदि तीर्थ स्थानों के अलावा मुंबई, गोवा, शिमला, कुल्लू, मनाली आदि पर्यटक स्थलों पर जाते हैं। इस कारण लोगों ने अभी से होली पर आरक्षण कराना शुरू कर दिया है। चूंकि, ट्रेनों में 120 दिन पहले आरक्षण मिलना शुरू हो जाता है, इसलिए शनिवार को पांच मार्च की ट्रेनों में सीटें बुक होना शुरू हो गईं। इसमें जम्मूतवी जाने वाली झेलम एक्सप्रेस, मालवा एक्सप्रेस और अंडमान एक्सप्रेस में तो 28 फरवरी से चार मार्च के बीच आधी से ज्यादा सीटें भी बुक हो चुकी हैं। इन ट्रेनों में हर दिन सीटों संख्या घटती जा रही हैं। बताया गया है कि पंद्रह नवंबर तक बची सीटें भी बुक होने की उम्मीद है।
ऐसा ही हाल शिमला, कुल्लू मनाली के लिए अंबाला, चंडीगढ़ तक जाने वाली पठानकोट एक्सप्रेस व छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस का है। मनमाड, मुंबई व गोवा की तरफ जाने वाली पंजाब मेल, लखनऊ-मुंबई एक्सप्रेस, लखनऊ-लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस, पुष्पक एक्सप्रेस, गोवा एक्सप्रेस, पठान कोट एक्सप्रेस, मंगला एक्सप्रेस ट्रेनों में भी सीटें बुक होना शुरू हो गया है। जो लोग होली पर तिरुपति, चेन्नई, रामेश्वरम जाना चाहते हैं, उनकी इच्छा पूरी हो सकती है। इन स्थानों के लिए जाने वाली स्वर्ण जयंती, तिरुपति एक्सप्रेस, जीटी एक्सप्रेस, तमिलनाडु एक्सप्रेस की सभी श्रेणियों में अभी पर्याप्त सीटें खाली हैं।
नए साल पर ट्रेनें फुल
पर्यटक स्थलों पर नया साल मनाने के लिए लोगों ने काफी पहले ही ट्रेनों में रिजर्वेशन करा लिया है। प्रमुख पर्यटन स्थलों को जाने वाली ट्रेनों में अब जगह नहीं है। पांच जनवरी तक इनमें सीट मिलना मुश्किल है। नए साल पर बड़ी संख्या में लोग अपने परिवार के साथ धार्मिक और पर्यटक स्थलों पर घूमने जा रहे हैं। यही कारण है कि 25 दिसंबर से पांच जनवरी तक प्रमुख ट्रेनों की अधिकांश सीटें फुल हैं। सेकेंड एसी में जरूर कुछ सीटें खाली हैं।