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जयकारों के साथ भक्तों ने किए प्रतिमाओं के दर्शन, लिया आशीर्वाद -CTY

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नाचे गाए, आया आंख में पानी, जय हो माता रानी
जयकारों के साथ भक्तों ने किए प्रतिमाओं के दर्शन, लिया आशीर्वाद
लक्ष्मी ताल, पहूज बांध और बेतवा नदी में हुआ विसर्जन
गुलाल उड़ाया, आतिशबाजी की, डीजे की धुनों पर नाचे भक्त
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
पिछले नौ दिनों से पंडालों में विराजमान देवी मां को आज हवन-पूजन के साथ विसर्जन कर विदा किया गया। विजय दशमी पर्व पर शनिवार को मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन करने के लिए शहर उमड़ पड़ा। हजारों भक्तों ने प्रतिमाओं का विसर्जन लक्ष्मीतालाब के कुंड, पहूज बांध और नोटघाट पुल बेतवा नदी पर किया। इस दौरान देवी मां को भक्तों ने विसर्जन यात्राओं में गुलाल उड़ाकर, आतिशबाजी, ढोल-नगाड़ों और डीजे पर बज रही भक्ति धुनों पर नृत्य कर नम आंखों से विदाई दी।
नवरात्र में पूरा शहर मां दुर्गा की भक्ति में डूबा रहा। विजय दशमी पर जब मां की प्रतिमाओं के विसर्जन करने का समय आया तो पूरा शहर जैसे सड़कों पर दिखाई दे रहा था। दोपहर से ही दतिया गेट से राई का ताजिया, मानिक चौक, सराफा बाजार, सिंधी चौराहा, बड़ा बाजार, गांधी रोड, अंदर-बाहर लक्ष्मी गेट की सड़क, घरों की छतें, दुकानों के चबूतरे, फुटपाथ सभी जगह श्रद्धालुओं ही श्रद्धालुओं दिखाई दे रहे थे। सभी देवी प्रतिमाओं के दर्शन के लिए लालायित दिखाई पड़ रहे थे। सुबह दस बजे लोडिंग टैक्सी, ट्रैक्टर और मिनी ट्रकों से प्रतिमाओं का निकलना शुरू हुआ तो यह सिलसिला देर रात तक बना रहा। प्रेमनगर, सीपरी बाजार, बीकेडी, सिविल लाइन, सदर बाजार और शहर क्षेत्र में स्थापित अधिकांश प्रतिमाएं लक्ष्मी तालाब के कुंड में विसर्जन के लिए पहुंची। जैसे ही कोई कोई प्रतिमा निकलती श्रद्धालु हाथ जोड़कर आशीर्वाद लेते। हर यात्रा में शामिल भक्त गुलाल उड़ाते, आतिशबाजी और ढोल-नगाड़ों, डीजे की धुन पर नाचते चल रहे थे।
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शाम चार बजे जब खटकयाना मुहल्ले में विराजमान मां काली की यात्रा बाजारों से होकर निकली तो श्रद्धालु भाव विभोर हो उठे। मां काली का तेज स्वरूप देखकर भक्त अपने को सौभाग्यशाली समझ रहे थे कि उनको मां के दर्शन इस रूप में हो गए। काली-काली जय महाकाली के जयकारे श्रद्धालुओं में जोश भर रहे थे। देखकर हर हाथ बस मां से दुआ मांग कर रहा था। उनकी यात्रा में सैकड़ों भक्त साथ चल रहे थे। मां के सम्मान में कई भक्त शस्त्र लेकर चल रहे थे। लक्ष्मी तालाब के कुंड में विसर्जन के पहले प्रतिमाओं के समक्ष पूजन अर्चन किया गया। इसके बाद ही प्रतिमाओं का जल में विसर्जन किया गया। इसी तरह पहूज बांध और नोटघाट पुल बेतवा नदी पर प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। हर जगह सुरक्षा की दृष्टि से भारी पुलिस बल तैनात रहा।
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जगह-जगह हुआ स्वागत
विसर्जन यात्राओं का बाजार में जगह-जगह पुष्प वर्षा से स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं ने भक्तों को प्रसाद और जल वितरण के लिए अलग-अलग स्थानों पर काउंटर लगाए थे। दुर्गा उत्सव महासमिति गोपीनाथ का मंदिर रानी महल, दयाशंकर कंपाउंड और मुन्नालाल धर्मशाला में विराजमान प्रतिमाओं का स्वागत पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य, ओमप्रकाश त्रिपाठी, रमेश अग्रवाल, चंद्रभूषण त्रिपाठी, गोवर्धन जुनेजा, राधारमण त्रिपाठी ने स्वागत किया। अखिल भारतीय स्वर्णकार समाज विकास एवं शेध संस्था के राजेंद्र सोनी, दिलीप सोनी, राजीव श्रीवास्तव, मोहन सोनी, गगन सोनी ने स्वागत किया। शहीद पार्क मां दुर्गा उत्सव समिति की विसर्जन यात्रा में रामरतन बिंदल, राजेंद्र बिंदल, पवन अग्रवाल, ऋषि बिंदल, तृप्ति अग्रवाल, राहुल बिंदल शामिल रहे।
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