‘गांव’ को ‘स्वस्थ’ बनाएगी योगी सरकार
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- शुरू हो रही योजना के तहत प्रदेश के एक हजार गांवों हैं लक्ष्य
- छह स्वास्थ्य सूचकांक तय, झांसी के 16 गांवों की सूची भेजी
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
योगी सरकार अब ‘स्वस्थ गांव’ योजना की शुरूआत करने जा रही है। सत्र 2017-18 में प्रदेश के एक हजार गांवों को स्वस्थ बनाने की तैयारी है। इसके लिए शासन ने छह स्वास्थ्य सूचकांक तय किए हैं। हर जनपद से दो-तीन गांवों को योजना के अनुरूप तैयार करना है। जिले के 16 गांवों की सूची शासन को भेजी है।
पिछले कुछ सालों प्रदेश में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में सुधार तो हुआ है लेकिन अभी भी यह राष्ट्रीय औसत से काफी ज्यादा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनोद कुमार यादव ने बताया कि समुदाय स्तर पर आशा योजना, पंचायती राज, ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण समिति, स्वयं सहायता समूह, मातृ समूह आदि योजनाएं चल रही हैं। शासन की मंशा है कि इन योजनाओं के जरिए ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस कार्यक्रम, नवजात शिशु देखभाल कार्यक्रम समेत अन्य कार्यक्रमों का सफल क्रियान्वयन कराकर स्वास्थ्य सूचकांकों में सुधार लाया जाए। इसी के मद्देनजर सरकार ने सत्र 2017-18 में प्रदेश के एक हजार गांवों को ‘स्वस्थ गांव’ बनाने की योजना बनाई है। किसी ग्राम पंचायत को ‘स्वस्थ गांव’ के रूप में घोषित करने के लिए छह मानक पूरे करने होंगे। प्रदेश स्तर की एक टीम गांव आकर निरीक्षण करेगी। यदि सभी मानक पूर्ण मिलते हैं, तो गांव स्वस्थ घोषित किया जाएगा। फिर गांव के प्रधान, एमओआईसी व स्वास्थ्य अधिकारियों को सम्मानित किया जाएगा।
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ये हैं छह मानक
- गांव की 90 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं का पहले तीन महीने में पंजीकरण।
- 90 फीसदी गर्भवतियों का पूर्ण प्रसवपूर्व देखभाल। यानी कि कम से कम तीन बार जांच, दो टीटी के टांके, 180 आईएफए टैबलेट मिले।
- 90 प्रतिशत गर्भवती माताओं का संस्थागत प्रसव।
- 90 फीसदी नवजात शिशुओं का पंजीकरण।
- एक से दो वर्ष आयु वर्ग के 90 फीसदी बच्चों का पूर्ण प्रतिरक्षण।
- इन सभी सूचकांकों का अंकन एमसीटीएस पर होना चाहिए।
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शासन को भेजे गांवों के नाम
स्वास्थ्य विभाग की ओर से झांसी के 16 गांवों के नाम शासन को भेजे हैं। इनमें बबीना के सिमरावारी व सिजवाहा, बड़ागांव के बराठा व बड़ागांव, बामौर के इश्किल बुजुर्ग व वीरपुरा, बंगरा के पठाकरका व बगरौनी, चिरगांव के नीवी व रमपुरा, गुरसरांय के बडोखर व डोडिया, मऊरानीपुर के धमना पयक व खरखामाफ, मोंठ के लवन व बुढ़ावली गांव सूची में शामिल हैं। इनको स्वस्थ गांव बनाने का प्रयास होगा।