झांसी। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत 3145 लोगों ने खुद के आशियाने के लिए आवेदन किया था। नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) द्वारा सर्वे करने के बाद स्वीकृति के लिए शासन को भेज दिया गया था। लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते स्वीकृति नहीं हो सकी थी। लेकिन अब शासन ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। जबकि, पूर्व में जिले भर से 26 हजार से अधिक लोगों के आवासों की स्वीकृति प्रदान की गई थी।
योजना के तहत लाभार्थी को ढाई लाख रुपये का अंशदान दिया जाता है। जिसमें एक लाख राज्य सरकार द्वारा व डेढ़ लाख रुपये केंद्र सरकार द्वारा दिया जाता है। लाभार्थी को तीन किस्तों में रकम की अदायगी की जाती है। धोखाधड़ी से बचने के लिए विभाग द्वारा लगभग पांच बार मकान के निर्माण की ऑनलाइन जियो टैगिंग भी की जाती है। योजना के तहत लाभार्थी की सालाना आय तीन लाख तय की गई है। जबकि, योजना का लाभ लेने वाले का देश में कहीं भी पक्का मकान नहीं होना भी शर्त है। इसके अलावा लाभार्थी को जिले का निवासी होना आवश्यक है।
फरवरी माह में डूडा द्वारा तीन हजार से अधिक लोगों के आवेदन को शासन में भेजा गया था। लेकिन कोरोना संक्रमण स्वीकृति में बाधा बना हुआ था। लेकिन अब शासन द्वारा मकानों के आवेदनों को हरी झंडी दे दी गई है। इस संबंध में जिला परियोजना अधिकारी संगीता सिंह ने बताया की शासन द्वारा आवेदनों को स्वीकृति प्रदान की गई है। कार्रवाई पूरी करने के बाद जल्द ही लोगों के खातों में निर्माण के लिए रकम को स्थानांतरित किया जाएगा।