फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पानी के 31 टैंकर रोज लगा रहे 400 चक्कर फिर भी आधे शहर में पानी का संकट

विज्ञापन
विज्ञापन
झांसी। भीषण गर्मी में भी पानी का बड़ा संकट झेल रहे हैं झांसी वाले। यूं तो 31 टैंकर हर रोज 400 चक्कर लगा रहे हैं। 18 लाख लीटर पानी की आपूर्ति इन टैंकर के माध्यम से की जा रही है लेकिन बावजूद इसके आज भी शहर के 25 बड़े मुहल्ले ऐसे हैं जो पानी का संकट झेल रहे हैं। यहां के लोग दूर दराज से हैंडपंप या कुएं से पानी ढो रहे हैं। लेकिन इनकी इस प्यास को समझने वाला कोई नहीं है। न अफसरों पर फुर्सत है न ही जनप्रतिनिधियों पर।
विज्ञापन

अगर हम जल संस्थान के आंकड़ों पर गौर करें तो पता चलेगा कि महानगर की जनता को 78 एमएलडी पानी की रोज जरूरत रहती है। लेकिन जलनिगम के बबीना प्लांट से महानगर के लिए जलसंस्थान को 65 से 68 एमएलडी पानी ही मिल पाता है, 10 एमएलडी से ज्यादा पानी की कि ल्लत हमेशा ही रहती है। वहीं, गर्मियों में पानी की मांग बढ़ने के साथ ही संकट और बढ़ जाता है। हालांकि टैंकर दौड़ाए जा रहे हैं। ग्यारह प्वाइंट बनाकर पानी की आपूर्ति हो रही है मगर प्यास फिर भी बुझ नहीं पा रही।
आंकड़ों में शहर
-----
कुल आबादी - छह लाख
वार्ड की संख्या - 60
घरेलू जल कनेक्शन - 47 हजार
हैंडपंपों की संख्या- 3286
टंकियों की संख्या - 13
नलकूपाें की संख्या - 29
हैंडपंप खराब - 200
जहां से भरे जाते हैं टैंकर
----
दतिया गेट फिल्टर हाउस, सिमराहा, नारायण बाग, राजपूत कॉलोनी, मसीहागंज, नंदनपुरा, खेरा, बिजौली, भगवंतपुरा, राजगढ़, हसारी आदि क्षेत्रों में फिलिंग प्वाइंट बनाए गए हैं, जिनसे समस्याग्रस्त आसपास के क्षेत्राें में पानी की सप्लाई होती है।
विज्ञापन

इन मुहल्लों में है पानी का बड़ा संकट
---------
करगुवां जी, पिछोर, गुमनावारा, महाराणा प्रतापनगर, वकील कॉलोनी, राजपूत कॉलोनी, वीरांगना नगर, मयूर बिहार, सराय, सिलवटगंज, डड़ियापुरा, मद्रासी कॉलोनी, सत्यम कॉलोनी, भगवंतपुरा, कोछाभांवर, सिमरधा, गरियागांव, पाल कॉलोनी, सिद्घेश्वर नगर, अलीगोल, मेवातीपुरा, बाहर उन्नाव गेट, सीपरी बाजार, मसीहागंज, बड़ागांव गेट आदि क्षेत्रों में पानी की ज्यादा किल्लत है।
बातचीत
-----
मोहल्ले में पाइपलाइन तो डाली गई है लेकिन कुछ दबंगों ने उसमें पर्सनल कट लगाकर पानी रोक दिया है। - वंशीधर
दो माह से नल ही नहीं आए हैं, जब भी आते हैं तो उसमें से पानी की सप्लाई पूरी नहीं हो पाती है। - अनवर
दूर-दूर से पानी भरक र लाना पड़ रहा है। जिससे काफी परेशानी होती है। कोई सुनवाई नहीं हो रही है। - वंदना
टैंकर तो आते हैं लेकिन पर्याप्त चक्कर न लगाने की वजह से पानी की पूर्ति नहीं हो पाती है। - चंचल कुशवाहा
वर्जन
---
महानगर में पानी पहुंचाने के लिए टीमें तैयार क ी गई हैं। नलों और टैंकरों के माध्यम से सभी तक पानी पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। गर्मियों मे ंपानी की खपत बढ़ जाती है। - आरएस बादलीवाल, अधिशासी अभियंता जलसंस्थान
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें