झांसी। वन महोत्सव का आयोजन कर अफसरों ने पौधे लगाने का ढिंढोरा खूब पीटा। शासन को लाखों पौधे लगाने की रिपोर्ट भेज दी गई, लेकिन महानगर में तमाम जगहें ऐसी हैं, जहां अफसर गड्ढे कराने के बाद पौधे लगाना भूल गए। साथ ही अन्य स्थानों पर पौधों के सूखने को लेकर अफसर मौसम का तर्क दे रहे हैं।
महानगर के महावीरन शमशान घाट में नगर निगम ने 300 पौधे लगाने का दावा करते हुए शासन को रिपोर्ट भेजी है। मंगलवार को अमर उजाला की टीम ने पौधरोपण की पड़ताल की, तो वहां कोई पौधा नहीं मिला। यहां केवल 15 गड्ढे खोदे गए हैं, लेकिन आज तक कोई पौधे नहीं लगाने आया। शमशान घाट की देखरेख करने वाले युवक और स्थानीय गुरुदयाल ने बताया कि कुछ दिन पहले नगर निगम की टीम गड्ढे करने आई थी, लेकिन कोई पौधे लगाने नहीं आया। इससे साफ है कि पौधरोपण के नाम पर अफसरों ने बड़े खेल कर दिए गए हैं। कागजों में पौधे लगाकर बजट का बंदरबांट कर दिया और शासन को पौधे लगाने की रिपोर्ट भेज दी गई। उधर, पौधों के सूखने को लेकर अफसर मौसम का तर्क दे रहे हैं। वन संरक्षक एके सिंह ने बताया कि जुलाई से सितंबर तक का समय पौधे लगाने के लिए होता। बारिश नहीं होने से पौधे सूख रहे हैं। जिनको बदलवाया जा रहा है।