फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

टेंडर होने के बावजूद तीस करोड़ के काम अटके

विज्ञापन
सड़क - फोटो : ????
विज्ञापन
झांसी। कोविड-19 ने तमाम महकमों को मिलने वाला करीब पूरा बजट ही लील लिया है। पीडब्ल्यूडी ने सड़क पुनर्निमाण के लिए 30 करोड़ लागत की सड़कों के लिए मार्च महीने में ही टेंडर करा लिया लेकिन, अब बजट न मिलने से काम अटक गया। बजट न होने के चलते करार भी नहीं कर पा रहा।
विज्ञापन

महामारी का असर अब सरकारी योजनाओं में भी साफ नजर आ रहा है। नए वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही खत्म हो चुकी लेकिन, विभागों के पहले से प्रस्तावित कार्यों की ही वित्तीय स्वीकृति नहीं मिल रही। पीडब्ल्यूडी पर भी इसकी जद में है। महकमे ने मऊरानीपुर से जिला परिषद, भसानी, गरौठा, समथर, बंकापहाड़ी से सिद्घनाथ मंदिर, बख्तर से बरदिया नाला, बसारी से बंगरा, रानीपुर-निवाड़ी मार्ग, कटेरा देहात की टुडियन खिरक, खजराहा से नोटा संपर्क मार्ग, कटेरा देहात के पालन खिरक से पुरेना खिरक संपर्क मार्ग का नवनिर्माण, बचावली मड़ौरा मार्ग, ईशागढ़-मबईगिर्द, गंगावली मार्ग जैसे तमाम कार्य प्रस्तावित थे।
करीब तीस करोड़ की कुल लागत के कार्यों के टेंडर भी करा लिए गए लेकिन, तीन माह बाद भी इनके लिए वित्तीय स्वीकृति नहीं दी गई जबकि सामान्य तौर पर नए वित्तीय वर्ष आरंभ होने के साथ प्रस्तावित कार्यों का बजट आवंटित हो जाता है। बजट आवंटित न होने से विभाग ठेकेदारों संग करार करने से बच रहा है हालांकि पीडब्ल्यूडी अभियंता इस बारे में कुछ भी साफ बोलने से बच रहे हैं। वहीं, अधिशासी अभियंता सुनील कुमार का कहना है प्राथमिकता के मुताबिक कार्य कराए जा रहे हैं। बजट मिलने के बाद प्रस्तावित कार्य भी कराए जाएंगे।
विज्ञापन

फाइलों में बंद होकर रह गए सवा करोड़ रुपये के विकास कार्य
झांसी। महानगर में होने वाले विकास कार्य फाइलों में बंद होकर रह गए हैं। राज्य वित्त आयोग का बजट न मिलने से निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में महानगर की जनता की विकास की उम्मीदें धुंधली होती नजर आ रही हैं। हालांकि निगम में फाइलों को लेकर मंथन चल रहा है, लेकिन कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा सका है।
महानगर में करीब 25 विकास कार्यों को लेकर नगर निगम ने तैयारी की थी। जिसमें से कई निर्माण कार्यों की टेंडर प्रक्रिया भी चल रही है। लेकिन बजट का अभाव अब निर्माण कार्याें में आड़े आ रहा है। इन कामों को राज्य वित्त आयोग के तहत कराया जाना था, लेकिन कोरोना महामारी के चलते बजट मिलने की उम्मीद नजर नहीं आ रही है। हालात यह है कि निगम को वेतन तक 14वें वित्त आयोग के जरिए देना पड़ रहा है। नगर निगम के निर्माण विभाग में विकास कार्यों की फाइलें बंद रखी हैं। बजट न मिलने तक इन कामों को शुरू करना संभव नहीं हो पा रहा है। उधर, अधिकारियों ने निकाय अंश से विकास कार्य कराने के लिए भी तैयारी की है, लेकिन अब तक इसे लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं हो सका है। वहीं कामों की स्थिति जानने के लिए पार्षद लगातार नगर निगम के चक्कर काट रहे हैं। इस संबंध में मुख्य अभियंता नगर निगम एलएन सिंह ने कहा कि नए वित्तीय वर्ष में आवश्यक कार्य ही कराए जाएंगे। जो कार्य स्वीकृत हो चुके हैं, उनके काम होंगे। नए कार्य बजट मिलने के बाद होंगे। इसके लिए विचार किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें