झांसी। जून माह में जिले में पुलिस को 253 सिपाही मिलने वाले हैं। इन सभी की ट्रेनिंग पुलिस लाइन व पीएसी में चल रही है। लंबे समय के इंतजार के बाद इन रिक्रूटों का सिपाही बनने का सपना साकार होगा। साथ ही जिले में सिपाहियों की कमी कुछ हद तक दूर होगी।
जिले में पुलिस विभाग सिपाही से लेकर दरोगाओं की काफी से जूझ रहा है। ऐेसे में पुलिस वालों पर काम का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। पुलिस भर्ती के बाद 253 रिक्रूट जिले में ट्रेनिंग ले रहे हैं। इन सभी को पुलिस लाइन व पीएसी में पुलिस की बारीकियां सिखाईं जा रही हैं। मई में पासिंग परेड पूरी होते ही सभी को थानों पर पोस्टिंग मिलेगी। थानों पर पहुुंचकर सभी को संतरी की ड्यूटी, मुंशी, कोर्ट मुहर्रिर, थाने की बीट रिपोर्टिंग व कानून व्यवस्था और धरना प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्य पद्घति का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
लंबे समय से सिपाहियों की कमी
जिले में सिपाहियों की कमी लंबे समय से चल रही है। कोई भी ऐसा थाना नहीं है, जहां मानक के मुताबिक सिपाही व दरोगा तैनात हो। शायद यही वजह है कि अपराध को रोक पाने में पुलिस वाले नाकाम हो रहे हैं।
नहीं मिल पाती है छुट्टी
सिपाहियों की कमी होने से पुलिसकर्मियों को छुट्टी मिलना भी एक बड़ी मुसीबत है। सिपाही इलाज कराने या फिर घर जाने के लिए छुट्टी की मांग करते हैं, जो उन्हें अवकाश नहीं मिल पाता है। फिर भी तकरीबन 100 सिपाही हर महीने छुट्टी पर जाते हैं। ऐसे में अन्य पुलिस वालों पर काम का बोझ बढ़ जाता है।
जून में पासिंग परेड के बाद इन सिपाहियों को थानों पर पोस्टिंग मिलेगी। इससे काफी हद तक पुलिसकर्मियों की कमी दूर होगी। विवेक त्रिपाठी, एसपी सिटी