सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार बड़ी पहल करने जा रही है। बुंदेलखंड की बंजर जमीन पर सोलर पावर प्लांट बनाया जाएगा। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। जमीन तलाशी जा रही है।
पावर प्लांट के जरिए बिजली बनाकर बड़े स्तर पर प्राकृतिक ऊर्जा के प्रयोग को बढ़ावा देने की पहल की जाएगी। सरकार से अनुबंध होने के बाद टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कारपोरेशन की टीम जल्द ही बुंदेलखंड के सातों जिलों में सर्वे करने के लिए आएगी।
केंद्र और प्रदेश सरकार ने बुंदेलखंड को सोलर हब बनाने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। बीते दिनों शासन ने बुंदेलखंड के सातों जिलाधिकारियों से प्रस्ताव भी मांगा था, लेकिन उचित जमीन की तलाश नहीं हो सकी थी। अब टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कारपोरेशन की टीम बुंदेलखंड के सातों जिलों में पावर प्लांट के लिए उपयोगी बंजर जमीन की तलाश करेगी।
जमीन पर 250 मेगावाट का सोलर पावर प्लांट बनाया जाएगा। बताया जाता है कि जमीन मिलने के अनुरूप पावर प्लांट की क्षमता में बढ़ोतरी हो सकती है। सोलर पावर प्लांट में बनने वाली बिजली सरकार पारेषण को देगी। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
जिले में ये सोलर प्लांट हो रहे संचालित
बिजली का प्रयोग कम करने के लिए जिले में पहले से कवायद हो रही है। जिले के धमनौड़ में 20 मेगावाट का सोलर पावर प्लांट लगा है। वहां रोज 1.5लाख यूनिट बिजली का उत्पादन होता है। बदनपुर के दांडी में 50 मेगावाट का प्लांट लगा है। इसके साथ ही इंडियन ऑयल और रेलवे ने मिलकर 50 मेगावाट का पावर प्लांट लगा रखा है। जबकि मोंठ में भी 40 मेगावाट का सोलर पावर प्लांट संचालित हो रहा है। इसके जरिए लाखों यूनिट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है।
टीएचडीसी का पत्र मिला है। कारपोरेशन की टीम बुंदेलखंड में बंजर जमीन का सर्वे कर सोलर पावर प्लांट लगाने की तैयारी करेगी। इसके लिए एक एकड़ बंजर जमीन की तलाश की जानी है।
निखिल टीकाराम फुंडे, सीडीओ