अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। महानगर से सटे 25 गांव झांसी विकास प्राधिकरण (जेडीए) के अधिकार क्षेत्र से बाहर हो गए हैं। यह गांव अब बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) का हिस्सा बनने जा रहे हैं। दस साल पहले ही इन गांवों को जेडीए में शामिल किया गया था।
झांसी विकास प्राधिकरण की सीमा का विस्तार करते हुए साल 2014 में महानगर के आसपास के 62 गांवों को शामिल किया गया था। इन गांवों में अंबावाय, कलोथरा, सारमऊ, सिमरा, गेवरा, पुनावली कला, डोमागार, ढिकौली, कोटखेरा, डगरवाहा, किल्चवारा बुजुर्ग, किल्चवारा खुर्द, राजापुर, बमेर, बाजना, डोंगरी, गागौनी, मठखास, रमपुरा, गुढ़ा, चमरौआ, मुरारी, खजराहा खुर्द, खजराहा बुजुर्ग व बैदारा भी शामिल थे। लेकिन, अब इन 25 गांवों का झांसी विकास प्राधिकरण से नाता टूट गया है। इन गांवों की जमीन बीडा के लिए चिह्नित की गई है। अंबावाय, ढिकौली और सारमऊ की जमीनों के तो बैनामे भी किए जाने लगे हैं।
झांसी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष आलोक यादव ने बताया कि इन सभी पच्चीस गांवों पर बीडा का नियंत्रण रहेगा। जेडीए की अधिकार सीमा से यह बाहर हो गए हैं।