झांसी। शहर सीमा विस्तार का मामला तकनीकी कारणों की वजह से उलझ गया है। कई सारी औपचारिकताओं के पूरा न हो सकने से प्रस्तावित 22 गांवों के निगम सीमा में इस वर्ष शामिल होने की संभावना नहीं है। ऐसे में इन सभी गांवों में आने वाले समय में पंचायत चुनाव ही कराए जाएंगे।
नगर निगम सदन ने 10 मार्च 2017 के प्रस्ताव के मुताबिक निगम सीमा के भीतर 22 गांवों को शामिल करने की संस्तुति पिछले वर्ष नवंबर माह में की थी। सदन से प्रस्ताव मंजूर होने के बाद इसे मंडलायुक्त कार्यालय भेज दिया लेकिन, नक्शे समेत अन्य कागजात अधूरे होने से करीब तीन माह तक फाइल वहीं अटकी रही जबकि दूसरे शहरों के सीमा विस्तार के प्रस्ताव कैबिनेट ने मंजूर कर दिए। झांसी से सीमा विस्तार की फाइल जब तक शासन पहुंची तब तक जनगणना अधिसूचना जारी हो गई। ऐसे में सीमा विस्तार की पूरी प्रक्रिया ठंडे बस्ते में चली गई।
कुछ समय पहले पंचायत विभाग से सीमा विस्तार संबंधी डी-नोटिफिकेशन मांगा गया लेकिन, प्रक्रिया पूरी न होने से झांसी से डी-नोटिफिकेशन नहीं भेजा जा सका। इसको देखते हुए अब उम्मीद जताई जा रही कि सीमा विस्तार प्रस्ताव अगले पंचायत चुनावों तक के लिए टल गया। ऐसे में इन गांवों में पंचायत चुनाव ही कराए जाएंगे। हालांकि डीपीआरओ जगदीश राम का कहना कि डी-नोटिफिकेशन शासन से सीमा विस्तार अधिसूचना जारी होने के बाद भेजी जाती है। अधिसूचना जारी न होने से डी-नोटिफिकेशन नहीं किया गया।
भारी पड़ गई लेटलतीफी
समय से सीमा विस्तार प्रस्ताव को मंजूरी न मिल सकने के पीछे स्थानीय प्रशासन की लेटलतीफी सबसे बड़ी वजह है। निगम सदन से पारित होने के बाद भी मामूली खामियों के चलते फाइल करीब तीन महीने तक मंडलायुक्त कार्यालय एवं नगर निगम में धूल फांकती रही। इसके बाद शासन से कई बार दबाव पड़ने पर फाइल भेजी गई लेकिन, उसके पहले ही कैबिनेट ने दूसरे शहरों के सीमा विस्तार प्रस्ताव पारित कर दिए।
इन गांवों के शामिल होने का है प्रस्ताव
खैलार, डगरिया, रुंद, सिमरावारी, अठोंदना, पठारी, सिजवाहा, पाली पहाड़ी, अम्बावाय, रुंदकरारी, परवई, भोजला, भरारी, टाकोरी, मुस्तरा, दिगारा, पलींदा, बलौरा, रुंदबलौरा, पाडरी, गोरा मछिया, छपरा, डिमरौनी।
प्रस्तावित गांवों का कुल क्षेत्रफल- 11520 हेक्टेयर
कुल जनसंख्या- 69420