संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। छात्रों की सुरक्षा को लेकर सरकार के आदेशों को स्कूल संचालक हवा में उड़ा रहे हैं। बुधवार को जांच में 22 स्कूली वाहन छात्रों को लाने-ले जाने लायक नहीं मिले। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने सप्ताह भर के अंदर कमियां दूर करने का समय दिया है।
महानगर के स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों को लाने-ले जाने के लिए साढ़े तीन सौ से अधिक बसें लगी हैं। हर साल इन वाहनों की फिटनेस की जांच कराकर प्रमाण पत्र लेना होता है। तय समय पर फिटनेस नहीं कराने पर संभागीय परिवहन विभाग के अफसरों ने 101 स्कूल संचालकों को नोटिस जारी किया था। फिटनेस की जांच के लिए अंबावाय स्थित सेंटर पर आठ से 22 जुलाई तक शिविर लगाया गया है। परिवहन विभाग के अफसरों ने चार टीमें गठित कर स्कूली वाहनों की जांच के लिए अभियान शुरू किया है।
बुधवार को इन टीमों ने 50 से अधिक स्कूली वाहनों की जांच की, जिसमें 22 वाहनों का रंग, अग्निशमन यंत्र, सीट बेल्ट, प्रेशर हॉर्न, गति सीमा नियंत्रक, आपात कालीन खिड़की, सीट के नीचे बैग रखने के लिए जगह, प्रवेश द्वार पर हैंडरोल सहित कई मानकों की अनदेखी मिली। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन हेमचंद्र गौतम ने बताया कि स्कूली वाहनों में मानकों की जांच के लिए चार टीमें गठित की गई हैं। टीमों ने विभिन्न चौराहों पर स्कूली वाहनों की जांच की। 22 वाहनों में कमी पाए जाने पर चेतावनी जारी करते हुए सप्ताह भर का समय दिया गया है।