झांसी। सत्र 2014-15 में नकल कराने वाले 22 महाविद्यालयों को भी इस बार की वार्षिक परीक्षाओं के लिए बुंदेलखंड विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा केंद्र बना दिया गया है।
गौरतलब है कि बीते सत्र से विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में कॉलेजों की वार्षिक परीक्षाएं कराने की योजना शुरू की गई थी। सीसीटीवी कैमरों की निगरानी के लिए विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में ही एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया था।
कंट्रोल रूम से निगरानी के दौरान सातों जनपदों के करीब 22 कॉलेजों में घोर अव्यवस्था और नकल कराने की पुष्टि हुई थी। इस पर उन कॉलेजों पर जुर्माना लगाकर उनकी परीक्षाएं भी निरस्त कर दी गईं थीं। इस साल भी विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुरानी घटनाओं से सबक न लेते हुए नकल कराने वाले 22 कॉलेजों को परीक्षा केंद्र बना दिया गया है।
हालांकि, अधिकारियों की पिछली कुछ बैठकों में इन केंद्रों पर विश्वविद्यालय द्वारा खुद के केंद्र व्यवस्थापक भेजने पर विचार हुआ था लेकिन विश्वविद्यालय शिक्षकों द्वारा केंद्र व्यवस्थापक बनने से इंकार कर देने पर यह व्यवस्था भी धराशायी हो गई। नकल को धंधा बनाकर अपनी दुकान चलाने वाले कॉलेजों पर विश्वविद्यालय की महज ‘जुर्माना कार्रवाई’ वरदान से कम नहीं है, क्योंकि परीक्षा केंद्र बनने के बदले हजारों देकर लाखों कमाना घाटे का सौदा नहीं है।
सामान्य आया भूगोल का पेपर
झांसी। वार्षिक परीक्षा के पहले दिन हुए भूगोल का पेपर इस बार आसान आया। जानकारी करने पर विभागीय शिक्षकों ने बताया कि बीते साल के मुकाबले पेपर सामान्य आया है। जिन विद्यार्थियों ने थोड़ी भी मेहनत से पढ़ाई की है, उन्हें प्रश्नों का उत्तर लिखने में ज्यादा परेशानी नहीं हुई होगी।