नगर निगम की लापरवाही से फिर डूबेंगे मकान
नगर निगम की लापरवाही से इस साल भी आवास विकास (केके पुरी) में रहने वाले लोग बरसात शुरू होने के पहले से ही सहमे हुए हैं। उन्हें डर है कि कहीं इस साल भी बरसात में उनके मकान डूब न जाएं। इसी समस्या को लेकर कई लोग अपर नगर आयुक्त से मिले। नाले को ठीक कराने की मांग की।
केके पुरी निवासी संतोष ठेकेदार ने बताया कि उनके घर के पीछे से बड़ा नाला निकला है। उसमें नगरा, खातीबाबा, रेलवे कॉलोनी क्षेत्र का पानी बहता है। नाले के निर्माण में ठेकेदार की तरफ से की गई लापरवाही का खामियाजा उन्हें बीते साल भुगतना पड़ा था, जिससे पिछले साल सर्वाधिक जलभराव के साथ ही लोगों को क्षति पहुंची थी। वहीं, अतुल ने बताया कि नाले का ढाल उल्टा होने के कारण यह समस्या लगातार बन रही है।
नगर निगम के अधिकारियों ने ही नहीं बल्कि चीफ इंजीनियर एलएन सिंह ने नाले के ढाल को ठीक बताया था। लेकिन, जब आईजीआरएस पोर्टल पर क्षेत्रवासियों ने शिकायत दर्ज कराई तब जाकर नगर निगम के अधिकारियों को नाले की ढाल उल्टी दिखाई देने लगी। उसके बाद नाले की ढाल को ठीक करने का आदेश दिया गया था। जो काम दिसंबर में पूरा हो जाना था वह अब तक पूरा नहीं हुआ। जबकि, मौके पर निर्माण सामग्री फैली पड़ी है। नाले की दोबारा खुदाई कर बरसात के पहले ढाल ठीक कराने की मांग क्षेत्रवासियों ने की।
छह फुट तक भरा था पानी
पिछले साल 60 घरों में छह फुट तक पानी भर गया था। लोगों को अपनी जान बचाने तक के लाले पड़ गए थे। एक दूसरे के सहयोग से क्षेत्रवासियों ने छत पर चढ़कर किसी प्रकार से जान तो बचा ली थी पर घर के सोफा, टीवी, फ्रीज, दीवान, इंवर्टर, स्टेबलाइजर, पानी की मोटर , कूलर डूब कर फुंक गए थे। उस वक्त हुई क्षति से अब तक कई लोग उबर नहीं पाए हैं। दोबारा क्षेत्र का बुरा हश्र न हो। इसके लिए क्षेत्रवासी लगातार प्रयास कर रहे हैं।
पिछले साल घर में हुए जलभराव से ढाई से तीन लाख रुपये के सामान की क्षति हुई थी, जिसकी आज तक वह पूर्ति नहीं कर सके। आईजीआरएस पोर्टल पर भी शिकायत करने के बाद अब तक काम पूरा नहीं हुआ। - विनीत निगम
नगर निगम से कई बार नाले की ढाल ठीक कराने के लिए चक्कर काटे पर हर बार इंजीनियर और अधिकारियों ने मामले को ठंडा करने का प्रयास किया। लेकिन, हार नहीं मानी और प्रयास में जुटे रहे। - एसपी वर्मा
डेढ़ साल पहले नगर निगम ने नाले का निर्माण कराना शुरू कराया था, तब ढाल उल्टा बनाए जाने का विरोध किया गया था। नगर निगम और ठेकेदार की मनमानी के चलते कार्य पूरा कर लोगों के लिए समस्या खड़ी कर दी गई।- नसीर अहमद
लोगों को डर है कि कहीं इस साल भी उनके मकान में पानी न भर जाए। क्योंकि, बरसात में काफी नुकसान हुआ था, जिससे अब तक नहीं उबर पाए हैं। अभी भी वहां यह हाल है कि नालियों के पानी की निकासी नहीं हो रही। - अरविंद कुमार
जनता की समस्या को प्राथमिकता से लिया जाएगा और उसका समाधान कराया जाएगा। बरसात शुरू होने से पहले काम पूरा करा लिया जाएगा। - शादाब असलम, अपर नगर आयुक्त