साहब! बच्चा छोटा है, निर्वाचन कार्य में होगी मुश्किल
झांसी। निर्वाचन ड्यूटी से मुक्ति के लिए मंगलवार को कमेटी के समक्ष 80 कर्मचारियों ने आवेदन प्रस्तुत किए। इनमें महिला कर्मचारियों की संख्या ज्यादा रही। कमेटी आज भी आवेदन लेगी। गहन परीक्षण के बाद कर्मचारियों की निर्वाचन ड्यूटी से मुक्ति का फैसला लिया जाएगा।
झांसी-ललितपुर संसदीय सीट पर 29 अप्रैल को लोकसभा चुनाव का मतदान होना है। ये जिम्मेदारी केंद्र और प्रदेश सरकार के विभिन्न महकमों के सात हजार से अधिक कर्मचारियों को सौंपी जानी है। हालांकि, पहले रेंडमाइजेशन के जरिये दस हजार से अधिक कर्मचारियों का डाटा लॉक किया गया है, जिनके ड्यूटी पत्र संबंधित विभागाध्यक्षों को उपलब्ध करा दिए गए हैं। ड्यूटी पत्र मिलने के साथ ही कई कर्मचारी ड्यूटी कटवाने के लिए सक्रिय हो गए हैं। ऐसे कर्मचारियों की सुनवाई के लिए जिला ग्राम्य विकास अभिकरण विभाग के परियोजना निदेशक डा. राजकुमार गौतम की अगुवाई में कमेटी गठित की गई है, जिसमें जिला सूचना विज्ञान अधिकारी मो. आसिफ खान, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एस के कुलश्रेष्ठ व उप श्रमायुक्त रचना केसरवानी हैं।
कमेटी द्वारा मंगलवार को विकास भवन में ड्यूटी से मुक्ति के लिए कर्मचारियों से आवेदन लिए गए। इस दौरान 80 आवेदन आए। इनमें महिला कर्मचारियों की संख्या अधिक रही। ज्यादातर महिला कर्मचारियों ने बताया कि उनके बच्चे छोटे हैं या वे गर्भवती हैं, जिस कारण निर्वाचन ड्यूटी नहीं कर सकती हैं। साथ ही ड्यूटी कटवाने के लिए कर्मचारियों ने अपनी व अपने परिवार की सदस्यों की बीमारी का भी हवाला दिया। इसके अलावा अन्य कारण भी बताए गए।
जिला ग्राम्य विकास अभिकरण विभाग के परियोजना निदेशक डा. राजकुमार गौतम ने बताया कि कमेटी बुधवार को भी आवेदन लेगी। इनका गहन परीक्षण किया जाएगा। वाजिब कारण सामने आने पर ही कर्मचारियों को निर्वाचन ड्यूटी से मुक्त किया जाएगा।