प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय का लोकार्पण नहीं करने जा रहे हैं। भवन का काम अधूरा होने की वजह से एन वक्त पर ये बदलाव किया गया है। जबकि, पहले इसे लोकार्पित होने वाले परियोजनाओं की सूची में शामिल कर लिया गया था। उल्लेखनीय है कि अमर उजाला ने 12 फरवरी को प्रकाशित खबर ‘पीएमओ ने मांगीं कृषि विश्वविद्यालय की फोटो’ के जरिये अधूरे भवन निर्माण की हकीकत बताई थी।
प्रधानमंत्री शुक्रवार को झांसी आ रहे हैं। उनके दौरे की तैयारियां पिछले एक पखवाड़े से जारी हैं। पहले तय किया गया था प्रधानमंत्री अपने झांसी दौरे के दौरान पांच परियोजनाओं का शिलान्यास और तीन का लोकार्पण करेंगे। लोकार्पण सूची में रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के 1.22 अरब रुपये के शैक्षणिक भवन को भी शामिल किया गया था। लेकिन, ये तैयार नहीं हो पाया है।
बाहरी और अंदरूनी साज सज्जा का बड़ा काम अभी भी बाकी है। इसमें भवन में दरवाजे - खिड़की लगना, रंगाई - पुताई होना, पानी और बिजली की फिटिंग जैसे काम हैं। इसके अलावा फर्श भी बनाया जाना है। बाहरी परिसर भी अभी ऊबड़खाबड़ पड़ा हुआ है। जबकि, लोकार्पण के बाद परियोजना को तत्काल जनता को समर्पित कर दिया जाता है।
तीन दिन पूर्व प्रधानमंत्री कार्यालय से कृषि विश्वविद्यालय के उक्त भवन की तस्वीरें मांगी गईं थीं, जिनमें भवन का निर्माण अधूरा पाया गया। इसके चलते इसे लोकार्पित होने वाले कार्यों की सूची से हटा दिया गया है। इसके स्थान पर 4,976 करोड़ रुपये की भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय की परियोजना ‘पश्चिम क्षेत्र - उत्तर क्षेत्र अंतरक्षेत्रीय सुदृढ़ीकरण पारेषण परियोजना (भाग बी)’ को शामिल किया गया है। जिलाधिकारी शिवसहाय अवस्थी ने बताया कि कृषि विश्वविद्यालय के भवन का निर्माण अधूरा होने की वजह से इसे लोकार्पण होने वाले कार्यों की सूची से हटा दिया गया है।