डिफेंस कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण में किसानों ने मुआवजे का अड़ंगा डाल दिया है। सरकार निर्धारित सर्किल रेट से चार गुना करीब तीस लाख अस्सी हजार रुपये प्रति हेक्टेअर की दर मुआवजा देने को तैयार है, लेकिन किसान पर इस राजी नहीं हैं। शनिवार को जिले के अफसरों ने किसानों के साथ बैठक की, जिसमें सरकार के प्रस्ताव को ठुकरा दिया गया। किसानों ने पचास लाख रुपये प्रति हेक्टेअर की दर से मुआवजा व परिवार के एक व्यक्ति को नौकरी की मांग की है।
डिफेंस कॉरिडोर निर्माण के लिए प्रथम चरण में झांसी जिले की गरौठा तहसील के पांच गांव गेंदा कबूला, कठर्री, एरच, झबरा व नेकेरा के किसानों की आठ सौ सत्तर हेक्टेअर जमीन को अधिगृहीत किया जाना है। शनिवार को उप जिलाधिकारी गरौठा बृजेश त्रिपाठी व तहसीलदार मनोज कुमार ने गेंदाकबूला व कठर्री गांवों में किसानों के साथ बैठक की।
अफसरों ने किसानों को राजस्व विभाग द्वारा जारी सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा दिए जाने का प्रस्ताव रखकर सहमति पत्र भरने को कहा। लेकिन, काफी माथापच्ची के बाद भी किसान इस प्रस्ताव पर राजी नहीं हुए। किसानों ने चेतावनी दी है कि मन मुताबिक मुआवजा नहीं दिया गया तो वे सरकार को अपनी जमीन का अधिग्रहण नहीं करने देंगे।
ली जानी है साढ़े पांच हजार हेक्टेअर जमीन
झांसी। डिफेंस कॉरिडोर के लिए गरौठा व टहरौली तहसील की 5597.102 हेक्टेअर भूमि चिह्नित की गई थी। इसमें गरौठा तहसील के ग्राम गेंदा कबूला, कठर्री, गोरा, जुझारपुरा, ठहरका, हरदुवा, शैतानपुरा, कामेरा व झबरा तथा टहरौली तहसील के ग्राम शमशेरपुरा, बेंदा, पथरेडी, सुरवई व देवरा सारन में भूमि चिह्नित की गई है। यह सभी गांव बेतवा नदी से लगे हुए हैं।
उक्त भूमि झांसी - कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग से सात से बीस किलोमीटर की परिधि के अंतर्गत एरच से बेंदा मार्ग पर स्थित है। प्रस्तावित भूमि में पानीदार, आबादी, सड़क, कब्रिस्तान, मरघट, खलिहान व वन विभाग की भूमि को शामिल नहीं किया गया है।