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वाणिज्यिक अदालत: ट्रिब्यूनल की जगह लेगी-City

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ट्रिब्यूनल की जगह लेगी वाणिज्यिक अदालत
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वाणिज्यकर कार्यालय में ही लगेगी कोर्ट, बैठेंगे केंद्र और राज्य के अफसर
बुंदेलखंड के सातों जिलों के व्यापारियों को मिलेगा लाभ
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
व्यापारिक विवादित मामलों की सुनवाई के लिए वाणिज्यिक अदालत (कामर्शियल कोर्ट) अब मेंबर ट्रिब्यूनल (सदस्य अधिकरण) की जगह लेगी। इसमें केंद्र और राज्य के अधिकारी साथ में बैठकर विवादित मामलों की सुनवाई करेंगे। प्रदेश सरकार का अदालत खोलने का उद्देश्य सीजीएसटी (केंद्रीय गुड्स एंड सर्विस टैक्स) और एसजीएसटी (स्टेट गुड्स एंड सर्विस टैक्स) से जुड़े सभी तरह के व्यापारिक विवादित मामलों को एक जगह सुलझाना है। झांसी में खुलने वाली अदालत में बुंदेलखंड के सातों जिलों के व्यापारियों को लाभ मिल सकेगा।
एक जुलाई से जीएसटी लागू होने के बाद व्यापारी द्वारा दिए जाने वाला टैक्स दो हिस्सों में बंट रहा है। इनमें एक हिस्सा राज्य और एक केंद्र को मिल रहा है। चूंकि, अभी तक राज्य को ही पूरा टैक्स मिलता था, इस कारण सभी तरह के विवादित मामलों को विभाग के ही न्यायालय में निपटा लिया जाता था। मगर, अब केंद्र का भी हस्तक्षेप शुरू हो गया है। इस कारण प्रदेश सरकार ने तेरह जगह वाणिज्यिक अदालत खोलने का निर्णय लिया है। इस अदालत में में केंद्र और राज्य के अधिकारी साथ-साथ सुनवाई करेंगे। हालांकि, यह व्यवस्था वर्तमान में काम करने वाली मेंबर ट्रिब्यूनल न्यायालय की जगह लेगी। वाणिज्यिक अदालत का प्रयास रहेगा कि विवादित मामलों को सेटलमेंट के जरिये निपटा लिया जाए, ताकि व्यापारी को आगे की कोर्ट में अपील करने की जरूरत न रहे।
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‘वाणिज्यिक अदालत को लेकर अभी कोई सरकुलर जारी नहीं हुआ है। ऐसा सुना है कि इस अदालत में केंद्र और राज्य के अधिकारी नियुक्त होंगेे।’
शशांक शेखर मिश्रा, ज्वाइंट कमिश्नर (कार्यपालक)।

अभी ये है व्यवस्था
वाणिज्यकर विभाग में व्यापारी अभी व्यापार से जुड़े विवादित मामलों की दो तरह से अपील कर सकते हैं। पहली अपील एडिशनल कमिश्नर ग्रेड टू और दूसरी अपील सदस्य अधिकरण (मेंबर ट्रिब्यूनल) के पास की जा सकती है। मेंबर ट्रिब्यूलन के पद पर हाईकोर्ट से नामित या विभाग के ही अधिकारी तैनात रहते हैं। तीन लाख रुपये से अधिक बड़े मामलों को न्यायिक और विभाग दोनों के अधिकारी देखते हैं। अगर, इसके बाद भी व्यापारी न्याय से संतुष्ट नहीं हुए तो वे हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकते हैं।

यहां के व्यापारियों को मिलेगा लाभ
झांसी में लगने वाली वाणिज्यिक अदालत में झांसी, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, बांदा, चित्रकूट समेत नौ जिलों के व्यापारी लाभ ले सकेंगे। अभी वाणिज्यकर झांसी जोन के सात जिलों में 31 हजार पंजीकृत व्यापारी हैं।
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सेटलमेंट कमीशन नहीं हो सका लागू
सरकार ने व्यापारिक विवादित मामलों को सेटलमेंट के जरिये निपटाने के लिए चार साल पहले सेटलमेंट कमीशन बनाने को मंजूरी दी थी, लेकिन यह योजना लागू नहीं हो सकी। सेटलमेंट कमीशन बनाने का उद्देश्य विवादों को विभाग और व्यापारी के सहमति बनाकर निपटाना था।
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