फिर से बनेगा नाला, जलभराव और गंदगी से मिलेगी मुक्ति
-18 लाख रुपये खर्च होंगे, एस्टीमेट तैयार, जल्द होगा टेंडर
- खत्म होगी गल्ला मंडी इलाके की लोगों की बड़ी समस्या
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
बरसात में जलभराव से जूझ रहे गल्ला मंडी रोड के निवासियों की समस्या का समाधान किया जाएगा। अजय इंक्लेब कालोनी से निकले नाले का अतिक्रमण हटाकर उसे तोड़ा जाएगा और फिर से बनाया जाएगा। इस पर 18 लाख रुपये खर्च होंगे।
बरसात के सीजन में गल्ला मंडी रोड, बकरा मंडी, कसाई मंडी, भाऊ का बगीचा व छनियापुरों रना पड़ता है, क्योंकि अजय इंक्लेब में बने नाले का पानी आसपास के मकानों में भर जाता है। जलभराव से रास्ते बंद हो जाते हैं। कच्चे मकानों के गिरने का अंदेशा रहता है। समस्या को देखते हुए महापौर किरन वर्मा ने पिछले दिनों नाले का निरीक्षण किया था और उसका एक हिस्सा तुड़वा दिया था। लेकिन, इससे समस्या का समाधान नहीं हुआ। इस पर महापौर ने पूरा नाला तुड़वाकर फिर से बनाने के निर्देश दिए। इसी क्रम में नाले का एस्टीमेट बना लिया गया है। अभी नाला जेड आकार का टेढ़ा- मेढ़ा है, जिसमें कचरा फंस जाता है। अब नाला तोड़कर सीधा बनाया जाएगा, ताकि उसमें कचरा न फंसे।
महापौर किरन वर्मा ने कहा कि एस्टीमेट बना लिया है। अब जल्द टेंडर निकाला जाएगा और फिर से नाले का निर्माण कराया जाएगा।
इनसेट
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नाले के ऊपर बना लिया पार्क
अजय इंक्लेब से कसाई मंडी का नाला और छनियापुरा का नाला निकला है। दोनों नाले यहां आकर जुड़कर एक हो जाते हैं। यहां पूर्व में पंद्रह फिट चौड़ा नाला सीधा निकलता था, लेकिन बाद में कुछ लोगों की मिली भगत से नाले को संकरा कर दिया गया और उसका स्वरूप बदल दिया गया। इतना ही नहीं, नाले पर कब्जा कर उसके ऊपर स्लैब डाल दी गई और पार्क बना दिया। इतना ही नहीं, नाले के किनारे खुले शौचालय बने हुए हैं, जिनका मल नाले में बह रहा है।
कैसे बदला स्वरूप, मांगी रिपोर्ट
नगर आयुक्त प्रताप सिंह भदौरिया ने नाले का निरीक्षण किया। उन्होंने पूछा कि नाले के ऊपर पार्क कैसे बन गया, लेकिन कोई जवाब नहीं दे सका। इस पर उन्होंने संपत्ति अधिकारी और अधिशासी अभियंता से नाले की पूरी रिपोर्ट मांगी है कि नाले का रास्ता क्या था, उसकी चौड़ाई कितनी थी और वर्तमान स्वरूप कैसे हो गया। उन्होंने नाले के ऊपर से अतिक्रमण हटाने के निर्देश भी दिए हैं।