झांसी। शनिवार को झांसी से दो श्रमिक एक्सप्रेस से 2026 मजदूर गोरखपुर व दीनदयाल उपाध्याय स्टेशन भेजे गए। बसों से स्टेशन लाए गए मजदूरों की लंबी कतार लगी रही। इससे उनमें सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो सका।
महाराष्ट्र के मुंबई समेत कई बड़े शहरों से बस, ट्रक व अन्य वाहनों द्वारा मजदूरों का रक्सा बॉर्डर पर आने का सिलसिला जारी है। इनमें अधिकांश मजदूर गोरखपुर, बस्ती, गोंडा, बहराइच, लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, रायबरेली, प्रयागराज, वाराणसी आदि जनपदों के रहते हैं। जिला प्रशासन की मदद से बॉर्डर पर आने वाले मजदूर व कामगारों को झांसी स्टेशन से चलाईं जा रहीं श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेनों से उनके गंतव्य स्थान पर भेजा जा रहा है। शनिवार को झांसी से एक ट्रेन गोरखपुर व दूसरी दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन स्टेशन पर भेजी गई। स्टेशन के अंदर जाने से पूर्व परिसर में मजदूरों को कतारबद्ध खड़ा किया जा रहा है। मुख्य द्वार पर एक- एक कर उनकी थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ट्रेन में चढ़ाया जाता है। शनिवार को रेलवे परिसर में जब मजदूर कतार में लगे थे, तब उनके बीच सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो सका।
बच्ची को उपलब्ध कराया गया दूध
झांसी। लोकमान्य तिलक टर्मिनस से गोरखपुर जा रही 01869 श्रमिक एक्सप्रेस में सवार एक यात्री ने ट्विटर पर अपनी डेढ़ साल की बच्ची के लिए दूध की मांग की। ट्रेन के झांसी स्टेशन पर आने पर यात्री को एक लीटर दूध, डायपर व चाकलेट उपलब्ध कराई गई।
कार्मिक विभाग ने बांटे भोजन के पैकेट
झांसी। रेलवे के कार्मिक विभाग द्वारा 28 से 30 मई तक झांसी से ट्रेन में सवार होकर गए श्रमिकों को भोजन के पैकेट व पानी उपलब्ध कराया गया।