झांसी। वर्ष 2021 में भी शुभ वैवाहिक लग्नों का आंशिक टोटा रहेगा। नए वर्ष के शुरूआत के साढे़ तीन माह में वैवाहिक लग्न की तिथि नहीं हैं। हालांकि 22 अप्रैल से विवाह की जो लग्न प्रारंभ होंगी, उसका सिलसिला 16 जुलाई तक चलेगा। समूचे वर्ष में 55 से अधिक विवाह लग्न की शुभ तिथियां हैं।
सनातन धर्म में अधिकांश परिवार ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार विवाह कार्य पूर्ण करते हैं। वर्तमान वर्ष 2020 कोविड - 19 से बचाव के कारण प्रभावित रहा। वैवाहिक लग्न की तिथियां गर्मियों में खूब थीं। लेकिन लॉकडाउन के कारण कई परिवारों के यहां शादी कार्य नहीं हो सके। ऐसे में वर्ष 2021 की प्रतीक्षा सुखद आशाओं के साथ सभी को है। ज्योतिषविद् डॉ. नाथूराम पांडेय के अनुसार 15 दिसंबर को रात 9:30 बजे सूर्य धनु राशि में प्रवेश कर रहे हैं। इसके बाद मलमास शुरू हो जाएगा और विवाह कार्य थम जाएंगे।
हालांकि इस दिन विवाह की लग्न दिन में है। ऐसे मेें इस दिन भी विवाह कार्य पूर्ण होंगे। वहीं, 14 जनवरी को सूर्य मकर राशि में पहुंचेगा। लेकिन वैवाहिक नक्षत्र न होने और फिर 17 जनवरी को गुरु अस्त होने से मांगलिक कार्य नहीं होंगे। खास बात यह है कि 13 फरवरी को गुरु उदय होंगे, तो 14 को शुक्र अस्त हो जाएंगे, जो फिर 19 अप्रैल को उदित होंगे। वहीं, 16 मार्च से सूर्य मीन राशि में पहुंचेंगे और खरमास शुरू हो जाएंगे। ऐेसे में विवाह का पहला शुभ मुहूर्त 22 अप्रैल को होगा।
वर्ष 2021 में ये हैं विवाह की शुभ तिथियां
अप्रैल - 22, 23,24,25,26,27,28,29,30
मई - 1,2,3,4,7,8,9,10,11,12, 13,14,19,20,21,22,24,25,26,27,28,29,30
जून - 2,4,5,11,15,16,17,18,19,20,22,23,24,25,26,27
जुलाई - 1,2,3,6,12,13,14,15,16
नवंबर - 15,19,20,21,22,26,27,28,29,30
दिसंबर - 5,6,7,11,12,13 है। इसके बाद मलमास शुरू हो जाएगा।
दिन के विवाह में भगवान सूर्य होते हैं साक्षी
सनातन धर्म में मान्यता है कि दिन में विवाह कार्य अति शुभ रहता है। विवाह के साक्षी स्वयं भगवान सूर्य होते हैं। वर्ष 2021 में कई वैवाहिक शुभ तिथियां ऐसी हैं, जिनमें विवाह की लग्न दिन में है। वहीं, वर्ष 2021 में वसंत पचंमी (16 फरवरी) और फुलेरा दौज (15 मार्च) पर शुक्र अस्त रहेगा। लेकिन लोक मान्यता व परंपरा के अनुसार विवाह कार्य किए जाएंगे। यह अबूझ तिथियां मानी जाती हैं। इसी प्रकार से देव प्रबोधिनी एकादशी पर विवाह लग्न की तिथि का अभाव है। लेकिन इस दिन भी लोक मान्यता व परंपरा के अनुसार विवाह कार्य होंगे।