शहीदों के गांवों का होगा विकास
- मुख्यद्वार बनेंगे, शहीद की प्रतिमा लगेगी
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
सेना, अर्द्धसैनिक बल, सीमा सुरक्षा बल और इसी तरह की अन्य सेवाएं दे रहे सैनिक यदि शहीद हुए हैं और गांव के निवासी हैं, तो उनके गांवों का विकास कराया जाएगा। जिले के सभी खंड विकास अधिकारियों और जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी से शहीदों और उनके गांवों की सूची मांगी गई है। आने वाले वित्त वर्ष से ऐसे गांवों का विकास कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री समग्र ग्राम विकास योजना के अंतर्गत ऐसे गांवों का विकास कराया जाएगा, जहां के निवासी यदि सेना अथवा इसी तरह की अन्य सेवाएं दे रहे हैं और ड्यूटी के दौरान शहीद हुए हैं। इन गांवों की मुख्य सड़क को गौरव पथ नाम दिया जाएगा तथा शहीद के नाम पर द्वार बनेगा। गांव में शहीद सैनिक की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। इसके अलावा विद्युतीकरण, पक्की नालियां व गलियां बनेंगी, हैंडपंप लगवाए जाएंगे, आवासहीन को आवास दिया जाएगा और पौधरोपण कराया जाएगा। योजना के अंतर्गत आजादी से लेकर अब तक जितने भी शहीद हुए हैं, उन सभी के गांवों का विकास कराया जाएगा।
परियोजना निदेशक डा. आरके गौतम ने बताया कि आठ फरवरी तक सभी एसडीएम, बीडीओ और जिला सैनिक कल्याण अधिकारी से शहीद सैनिकों की सूची मांगी गई है। इसके बाद गांवों में क्या- क्या काम कराना है, इसकी रिपोर्ट तैयार की जाएगी।