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आनंद, शांति प्रदान करते है प्रभु यीशु
सब हेड : सेंट जूड श्राइन में चल रहे वार्षिक धार्मिक महोत्सव में फादर जूड ने दिए प्रवचन
क्रासर - नौरोजी प्रार्थनाओं में उमडे़ श्रद्धालु, महापर्व आज, निकलेगा रैलिक जुलूस
झांसी।
इलाहाबाद के फादर जूड जोबी ने कहा कि प्रभु यीशु हमें आनंद, ज्योति और शांति प्रदान करते है। वह हमेशा हमारे साथ रहते है। सेंट जूड श्राइन में सेंट जूड के आदर में आयोजित वार्षिक धार्मिक महोत्सव में शुक्रवार को अपने प्रवचन में यह बात कही। वहीं श्राइन में चल रही नौरोजी प्रार्थनाओं का शुक्रवार को समापन हुआ, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से आए श्रद्धालुओं ने प्रार्थना की। शनिवार को महापर्व पर संत जूड के रैलिक का जुलूस निकाला जाएगा।
फादर जूड जोबी ने कहा कि प्रभु यीशु न सिर्फ हमारी लौकिक जरूरतों को पूरा करते है, बल्कि वह हमारी आध्यात्मिक जरूरतों क ो भी पूरा करते है। मनुष्य अपने बलबूते पर स्वर्गधाम नहीं पहुंच सकता है। इसलिए खुद ईश्वर का पुत्र प्रभु यीशु हमारी सहायता करते है। वह हमेशा हमारे साथ है। जीवन में शांति और आनंद प्रदान करते है।
इस दौरान फादर अमल दास ने मिस्सा बलिदान चढ़ाया। उनके साथ पादरियों में फादर फ्रेेडरिक मेंडोसा, फादर जूलियन, फादर विन्नी मौजूद रहे। वहीं श्रद्धालुओं ने श्राइन में हुई नौरोजी प्रार्थनाओं में हिस्सा लेकर स्वास्थ्य लाभ की कामना की। इस मौके पर मोमबत्तियां भी प्रज्वलित की। शाम को सेंट जार्ज स्कूल के विद्यार्थियों ने सेंट जूड के जीवन पर आधारित लघु नाटिका प्रस्तुत की। इसके अलावा प्रभु यीशु की महिमा के गीत गाए।
प्रभु यीशु के 12 खास शिष्यों में एक है सेंट जूड
प्रभु यीशु के 12 खास शिष्यों में एक है, संत जूड। यह प्रभु यीशु के चचेरे भी भाई थे। झांसी में सेंट जूड के प्रति श्रद्धा भक्ति तब शुरू हुई, जब फ्रांसिस जेवियर फेनेक ने 40 के दशक में इलाहाबाद बैंक चौराहा के समीप छोटी सा चर्च स्थापित किया। यहां नौरोजी प्रार्थनाओं में स्वास्थ्य लाभ के लिए लोग तेजी से आने लगे। वर्ष 1956 में चर्च का विस्तार किया गया। जो आज एशिया में संत जूड का सबसे बड़ा श्राइन (तीर्थ) है। फादर डेनिस ने बताया कि यहां हर वर्ष 28 अक्तूबर को संत जूड के आदर में महापर्व मनाया जाता है।