कानून का सम्मान जरूरी, उपद्रवियों पर सख्ती की जाए
राम रहीम पर फैसले और उसके बाद हिंसा पर बोले लोग
झांसी।
यौन शोषण मामले में बाबा राम रहीम पर फैसले के बाद भड़की हिंसा पर धार्मिक विद्वानों और प्रबुद्ध वर्ग ने रोष जताया है। इनका कहना है कि अदालत और संविधान का सम्मान करना चाहिए। सवाल उठाया कि सरकार हाईकोर्ट के निर्देश के बाद भी क्यों नहीं चेती? हर किसी को कानून का सम्मान करना चाहिए। उपद्रवियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
संविधान को मानें
संविधान और अदालत का सम्मान करना सभी के लिए जरूरी है। राम रहीम के समर्थक शांति और धैर्य से काम लें। राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान न पहुंचाएं। जो जैसा करेगा, वह वैसा भरेगा, न्याय सर्वोपरि है।
हरीओम पाठक, धर्माचार्य
अभी कई मामले और खुलेंगे
राम रहीम को सजा मिलनी ही चाहिए। अभी कई मामले और खुलने बाकी हैं। उपद्रव की आशंका तो पहले ही जताई गई थी। ऐसे में सरकार को नियंत्रण के लिए तैयारी कर लेनी चाहिए थी।
जीएस सलूजा, अध्यक्ष गुरु रामदास सिंह सभा सदर बाजार
उपद्रवियों को भी सजा मिले
न्याय मिला है। राम रहीम के समर्थकों का उपद्रव बिल्कुल गलत है। कोर्ट का आदर करना चाहिए। उपद्रवियों और उन्हें संरक्षण देने वालों को सजा मिलनी चाहिए।
महेंद्र सिंह रंधावा, ग्रंथी
जांच-पड़ताल की जाए
धर्म की आड़ में गलत काम करने वालों पर कार्रवाई जरूरी है। उनका पर्दाफाश होना चाहिए। सरकार उनकी जांच-पड़ताल करवाए। सत्यापन करवाए तो हकीकत सामने आ जाएगी। न जाने कितने लोग इनके मायाजाल से बच जाएंगे। उपद्रवियों पर सख्ती बरती जाए।
महंत मोहन गिरी, जूना अखाड़ा लहर की देवी मंदिर