कर्ज से परेशान किसान ने दी जान
अमर उजाला ब्यूरो
मऊरानीपुर। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम धमना में एक 60 वर्षीय किसान ने कर्ज से परेशान होकर फांसी लगा ली। रात में सन्नाटा होने पर वह चुपचाप उठा और खेत की ओर चल दिया। यहां लगे बबूल के पेड़ में फंदा लगाकर वह झूल गया। सुबह लोगों को जानकारी हुई तो पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। किसान पर भारतीय स्टेट बैंक और साहूकारों का करीब साढे़ तीन लाख रुपये कर्ज था।
मृतक किसान के इकलौते पुत्र सोबरन सिंह ने बताया कि वह प्राइवेट बस में कंडेक्टर है। उसके पिता गौरीशंकर (60) पुत्र भुन्नीलाल के पास कुल 14 बीघा जमीन पर केसीसी का 60 हजार व साहूकारों का करीब तीन लाख रुपये कर्ज था। पिछले कई सालों से लगातार फसल खराब हो रही थी। इससे वह कर्ज नहीं चुका पा रहे थे। वहीं, आए दिन साहूकारों के तकादे से वह परेशान हो गए थे। सोबरन ने बताया कि पिता शनिवार को प्रतिदिन की तरह अपने काम पर चले गए। शाम को भोजन करने के बाद वह चारपाई पर लेट गए। रात के समय जब सब सो रहे थे तब वह खेत की ओर चल दिए। यहां बबूल के पेड़ पर जानवरों को बांधने वाली रस्सी से फंदा बनाकर फांसी लगा ली। रविवार की सुबह चार बजे उसके पड़ोसी पूर्व प्रधान नारायण दास ने किसान का शव फंदे पर लटकता देखा तो लोगों को जानकारी दी। इससे मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
- खेत पर बबूल के पेड़ में फंदा लगाकर झूल गया
- बैंक और साहूकारों के कर्ज से रहता था परेशान
- कई वर्षों से लगातार खराब हो रही थी फसल