बिजली चोरी पर अंकुश लगाने और आमदनी बढ़ाने के लिए विभाग शीघ्र ही लोड चेकिंग अभियान चलाएगा। निशाने पर वे उपभोक्ता हैं जो एसी और कूलर इस्तेमाल कर रहे हैं। गर्मी के साथ बिजली की मांग 140 से बढ़कर 160 मेगावाट पर पहुंच गई है।
गर्मी के साथ ट्रांसफार्मरों पर लोड बढ़ना शुरू हो गया है। शाम के समय लोड अधिक होने से सब स्टेशनों पर ट्रिपिंग होने लगी है, जिससे बिजली की आवाजाही बनी रहती है। सबसे अधिक लोड एसी, कूलर, विज्ञापन बोर्डों के उपयोग से बढ़ता है। इन दिनों महानगर में डिमांड 140 मेगावाट से बढ़कर 160 मेगावाट पर पहुंच गई है। अधिकारियों को आशंका है कि कई उपभोक्ता बिजली चोरी कर रहे हैं। इसे देखते हुए मीटर रीडरों की मदद से महानगर में एसी का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं की सूची तैयार की जा रही है।
मालूम हो कि तीन किलोवाट या उससे अधिक भार के कनेक्शन धारक ही एसी का उपयोग कर सकते हैं। एसी का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं का बिल भी एक हजार रुपये मासिक से कम नहीं आना चाहिए। अगर इससे कम बिल आ रहा है तो बिजली चोरी की संभावना बढ़ जाती है। इस संबंध में अधीक्षण अभियंता राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि सूची तैयार होने के बाद अप्रैल के अंत से ऐसे उपभोक्ताओं के घरों का सर्वे किया जाएगा। लोड कम पाए जाने पर उसे बढ़ाया जाएगा। चोरी मिलने पर जुर्माना वसूल किया जाएगा।
चौका पाठा के लोगों ने मांगी बिजली
महानगर से 12 किलोमीटर दूर चौका पाठा गांव में आजादी के बाद से अभी तक बिजली नहीं पहुंची है। गांव का एक हिस्सा मध्य प्रदेश में आता है, जहां बिजली की सुविधा है। जबकि यूपी के हिस्से में बसे 20 घरों में लाइट नहीं है। बुधवार को गांव के लोगों ने उपखंड अधिकारी रवि यादव के समक्ष अपनी समस्या को रखा। इस पर उपखंड अधिकारी ने बताया कि अगर सदर विधायक निधि दे दें तो गांव तक नई लाइन डाल जाएगी। इस दौरान गांव के गजेंद्र सिंह यादव, उदय सिंह, अशोक, विनोद पाल, रामकिशोर, सुगर सिंह मौजूद थे।