चिकित्सा क्षेत्र में लाभप्रद है रेडियो एक्टिव विकिरण
झांसी। हिंदी विज्ञान साहित्य परिषद, भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र मुंबई और बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की तरफ से तीन दिवसीय राष्ट्रीय विज्ञान संगोष्ठी का शुभारंभ बीयू के गांधी सभागार में हुआ। सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता के साथ-साथ लघु नाटक प्रस्तुत कर लोगों को रेडियो एक्टिविटी के प्रति जागरूक किया। बताया गया कि चिकित्सा क्षेत्र में रेडियो एक्टिव विकिरण लाभप्रद है।
रेडियो एक्टिविटी के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने के लिए एक लघु नाटिका का भी मंचन हुआ। इसमें छात्र-छात्राओं ने नाटक के माध्यम से यह दर्शाया कि रेडियो एक्टिव विकिरण के प्रति यह आम धारणा है कि ये मानव के लिए अत्यंत हानिकारक है मगर नाटक में दिखाया गया कि रेडियो एक्टिव विकिरण चिकित्सा तथा अन्य कई क्षेत्रों में मानव के लिए लाभदायक है।
इसके बाद इंटर, स्नातक स्तर के विद्यार्थियों के लिए ‘नाभिकीय ऊर्जा’ विषय पर सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता हुई। पहले चरण में हुई लिखित प्रतियोगिता से दूसरे चरण के लिए आठ का चयन हुआ। आठों प्रतिभागियों को चार टीमों भाभा, धवन, रमन तथा बोस में बांटा गया। चयनित छात्रों अभिनव, अंशुल नामदेव, श्रवण सोनी, अनिल कुशवाहा, विशाल कश्यप, प्रगति द्विवेदी, गीता ठाकुर व अंशिका ने भाग लिया।
दूसरे चरण में रैपिड फायर राउंड, बजर राउंड, पास ऑन राउंड आदि से विजयी प्रतिभागियों का चयन हुआ। प्रतियोगिता में भाभा टीम के अभिनव व अंशुल नामदेव ने पहला, रमन टीम ने दूसरा व बोस टीम ने तीसरा स्थान पाया। जबकि, घवन टीम को चौथा स्थान प्राप्त हुआ।
वहीं, भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन संचालित विज्ञान प्रसार के वैज्ञानिक कपिल त्रिपाठी ने युवा वैज्ञानिकों को बताया कि विज्ञान को दैनिक जीवन में होने वाली सामान्य गतिविधियाें के द्वारा भी समझा जा सकता है। व्याख्यान के बाद छात्र-छात्राओं ने कई प्रश्न किए, जिसका उन्होंने जवाब दिया।
इस अवसर पर संगोष्ठी समन्वयक अनिल कुमार, सचिव डॉ. बीएस भदौरिया, अरविंद सिंह परमार, डीएन सिंह, कवींद्र पाठक, अनिल अहिरवार, डॉ. एसके श्रीवास्तव, डॉ. कौशलेंद्र चतुर्वेदी उपस्थित रहे। संचालन प्रतियोगिता को भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र से आए वैज्ञानिक मुकेश चंद्र ने किया।