पिछले साल नवंबर में मुख्य सचिव राजीव कुमार ने चार पेयजल योजनाओं को छह महीने के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए थे लेकिन अभी तक यह योजनाएं पूरी नहीं हो सकी हैं। इससे संबंधित क्षेत्र के लोगों को पेयजल का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
जनपद में पेयजल के लिए चार योजनाएं दी गईं। इसमें चिरगांव देहात ग्राम, रनगुवां ग्राम समूह, खड़ौरा ग्राम और मड़ौरा खुर्द ग्राम पेयजल योजना शामिल है। पिछले साल नवंबर में शासन की मंशा थी कि सभी ग्रामीण पेयजल योजनाओं को मार्च 2018 तक पूरा कर लिया जाए, ताकि गर्मियों में जल संकट न रहे।
मुख्य सचिव राजीव कुमार ने इस बाबत आदेश भी जारी कर दिए थे, लेकिन काम साल भर बाद भी पूरा नहीं हो सका। इस संबंध में जल निगम के अधिशासी अभियंता नरेंद्र वर्मा ने बताया कि चारों योजनाओं पर काम चल रहा है। उन्होंने दावा किया कि अगले छह महीने के भीतर इन पेयजल योजनाओं का पूरा कर लिया जाएगा।
लटकी योजनाएं
- 14 करोड़ की चिरगांव देहात पेयजल योजना 2014 में स्वीकृत। मार्च 2015 में 1.3 करोड़ ही मिले। 30 प्रतिशत काम पूरा। योजना के तहत नलकूप, पंप हाउस, राइजिंग मेन लाइन, वितरण पाइप लाइन, ओवर हैड टैंक, सीडब्लूआर बनना है।
- 65 करोड़ की रनगुवां ग्राम समूह पेयजल योजना 2014 में स्वीकृत। मार्च 2015 में 6.5 करोड़ मिले। 28 प्रतिशत काम पूरा। योजना के तहत नलकूप, पंप हाउस, राइजिंग मेन लाइन, वितरण पाइप लाइन, ओवर हैड टैंक, सीडब्लूआर बनना है।
- 2.78 करोड़ की खड़ौरा ग्राम पेयजल योजना मार्च 2017 में स्वीकृत। अप्रैल 2017 में 1.1 करोड़ मिले। 15 प्रतिशत काम पूरा। योजना के तहत नलकूप, पंप हाउस, राइजिंग मेन लाइन, वितरण पाइप लाइन, ओवर हैड टैंक, सीडब्लूआर बनना है।
- 2.43 करोड़ की मड़ौरा खुर्द ग्राम पेयजल योजना मार्च 2017 में स्वीकृत। अप्रैल 2017 में 97 लाख मिले। 15 प्रतिशत काम पूरा। योजना के तहत नलकूप, पंप हाउस, राइजिंग मेन लाइन, वितरण पाइप लाइन, ओवर हैड टैंक और स्वच्छ जलाशय बनना है।