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सिद्ध चक्र महामंडल-City

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सच्चे मन से करें ईश्वर की आराधना : पूर्णमति
सब हेड - करगुवां जी जैन मंदिर में सिद्ध चक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
आर्यिका पूर्णमति माताजी ने कहा कि सच्चे मन से प्रभु की आराधना करें, इससे शत्रु भी मित्र बन जाते हैं। प्रभु की भक्ति से दूर होने पर अपने भी पराये बन जाते हैं। करगुवां जी के जैन मंदिर में शुक्रवार से शुरू हुए सिद्ध चक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ के शुभारंभ पर उन्होंने कहा कि ईश्वर सर्वव्यापी है।
उन्होंने कहा कि श्रद्धा जब गहराती है, तब वही समर्पण बन जाती है। शरीर के प्रति वैराग्य और जगत के प्रति संवेग ये दोनों ही बातें आत्म कल्याण के लिए अनिवार्य हैं। जो मान अभिमान से भरा है, वह अरबपति होने के बाद भी कंगाल है और कंगाल होने पर जिन्होंने ईश्वर की भक्ति को नहीं छोड़ा है, वह मालामाल हो गए हैं। बिना विवेक के पंचकल्याणक करने पर भी उसका फल निष्फल हो जाता है। इससे पहले श्री सिद्ध चक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ के शुभारंभ पर प्रदीप कुमार, सजल कुमार जैन ने ध्वजारोहण किया।
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राजा श्रीपाल प्रदीप जैन आदित्य, रानी मैना सुंदरी रीता जैन, महायज्ञ नायक जवाहर सिंघई, चक्रवर्ती रविंद्र जैन कु बेर इंद्र कैलाश चंद्र जैन, राजीव जैन इंद्र बने। घट स्थापना उपरांत मंगलाचरण हुआ। नव देवता पूजन, सिद्ध चक्र यज्ञ पूजा प्रतिष्ठाचार्य दीपक जैन शास्त्री ने कराई। इस अवसर पर प्रवीण कुमार जैन, आलोक जैन, दीपक जैन, सौरभ जैन, सर्वज्ञ जैन, विनोद जैन, अशोक, कमल जैन शिवाजी, सजल कुमार जैन आदि मौजूद रहे। यह विधान 27 जुलाई तक चलेगा।
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