फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गंगाधर राव व रानी का विवाहोतसव-City

विज्ञापन
विज्ञापन
फ ोटो...
विज्ञापन

मनु के हाथों में रची मेहंदी, बधाई गीत गाए
सब हेड... रानी के विवाह की सालगिरह का दो दिवसीय उत्सव
- गणेश मंदिर में हुई रस्म
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई और झांसी के राजा गंगाधर राव के विवाह की 176वीं सालगिरह के दो दिवसीय उत्सव की शुक्रवार को शुरुआत हुई। इस अवसर पर मेहंदी की रस्म हुई। पहले रानी बनी बालिका हर्षिता के हाथों में मेहंदी रचाई गई और उसके बाद महिलाओं ने एक दूसरे के हाथों में मेहंदी लगाई गई। इस दौरान गीत-संगीत भी हुआ।
मेहंदी की रस्म में ढोलक की धुन पर महिलाओं व बालिकाओं ने मोहक गीत गाए। इनमें मेहंदी है रचने वाली....., आयी शुभ घड़ी देखों म्हारे आंगन सहित कई गीत गाए। वर्णिका गुप्ता और मान्या गुप्ता ने लोक गीतों पर मोहक नृत्य किया। इस दौरान महिलाओं ने दुल्हन मनु और एक दूसरे को भी मेहंदी रचाई। इस अवसर पर लक्ष्मी महिला मंडल की संगीता जोशी, सुप्रिया खानवलकर, अर्पणा श्रीवास्तव, सुनीता देवधर, रेखा गोठनकर, वंदना खेर, सुधा हर्वे, निकिता श्रीवास्तव, लायंस क्लब झांसी लेडिज विंग की स्वप्निल मोदी, सपना गुप्ता, गहोई जागृति महिला क्लब की रजनी गुप्ता, कल्पना खर्द, वंदना, ऊषा सेन आदि मौजूद रहीं। कार्यक्रम देर शाम तक चला।
विज्ञापन


बाक्स
आज निकलेगी शोभायात्रा
दूल्हा महाराजा गंगाधर राव और दुल्हन रानी लक्ष्मीबाई (मनु) की शोभायात्रा शाम पांच बजे लक्ष्मी व्यायाम मंदिर से शहर भ्रमण के लिए निकलेगी। इससे पहले नगरवासी अपने राजा और रानी का तिलक करेंगे। गाजे - बाजे के साथ निकलने वाली शोभायात्रा में दतिया, ओरछा, समथर के राजाओं के स्वरूप के अलावा कई विद्यालयों के विद्यार्थी, समाजसेवी शामिल होंगे शामिल होंगे। शोभायात्रा पंचकुइयां, कोतवाली, सिंधी तिराहा, सराफा बाजार, नरिया बाजार से होकर गणेश मंदिर पहुंचेगी। इस दौरान जगह - जगह राजा रानी का भव्य स्वागत होगा।

बाक्स
आज सजेगी संगीत की महफिल
विवाहोत्सव के दो दिवसीय कार्यक्रम में देश के नामचीन संगीतज्ञ भी अपने फन से लोगों को सराबोर करेंगे। शनिवार की शाम छह बजे से अंतर्राष्ट्रीय सरोद वादक अभिक सरकार, पटियाला के शास्त्रीय गायक प्रो. अर्शप्रीत सिंह रिदम शास्त्रीय गायन पेश करेंगे, तो लुधियाना के गुरचेतन सिंह एकल तबला पर, पंडित अभिक सरकार सरोद पर, झांसी के समीर भालेराव शास्त्रीय गायन के माध्यम से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे।
विज्ञापन


बाक्स
विवाह का साक्षी है गणेश मंदिर
महाराजा गंगाधर राव और मनु के विवाह क ी लगभग सभी रस्में महाराष्ट्र समाज के गणेश मंदिर में निभाई गईं थी। यह मंदिर मराठों ने अपने इष्टदेव गणपति की पूजा आराधना के लिए बनवाया था। वर्तमान में यह महाराष्ट्र गणेश मंदिर क मेटी द्वारा संचालित है। आयोजन समिति के सचिव गजानन खानवलकर के अनुसार विवाह अवसर पर मंदिर को शानदार ढंग से सजाया गया था। इसके प्रवेश द्वार के दोनों ओर चांदी के हाथी की प्रतिमाएं लगाई गई थीं। वहीं, मंदिर के समीप दुर्गाबाई के बाडे़ में रानी लक्ष्मीबाई के पिता मोरोपंत तांबे और उनके परिवार को ठहराया गया था। यहां भी विवाह की कई रस्में हुई थी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें