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बरसात हुई तो खरीफ, नहीं तो रबी की फसल चौपट
सब हेड -- अभी तक बरसा सिर्फ तीस फीसदी पानी
- उड़द हो रही खराब, तिल से हैं उम्मीद
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
प्रदेश के विभिन्न जिले भले ही बाढ़ से घिरे हों, पर बुंदेलखंड से बादल रूठे हैं। स्थिति यह है कि जिले में अब तक तीस फीसदी पानी बरसा है। इससे खरीफ सीजन में कम पानी में पैदा होने वाले तिल की फसल अच्छी लहलहा रही है। इससे किसान दोराहे पर खड़ा है। यदि पानी बरसा तो तिल की फसल चौपट हो जाएगी और यदि पानी नहीं बरसा तो रबी की फसल चौपट होना तय है। ऐसे में किसान को केवल एक फसल ही मिल पाएगी।
जिले की खरीफ सीजन में मुख्य फसल तिल है। दूसरे नंबर पर उड़द और इसके बाद मूंग का नंबर आता है। इस बार कम पानी बरसने के कारण किसानों ने तिल की रिकार्ड बुवाई की है। बुवाई का लक्ष्य 76 हजार हेक्टेयर था, लेकिन किसानों ने 77,350 हेक्टेयर में तिल की बुवाई की है। उड़द का लक्ष्य 85,543 हेक्टेयर था, इसके सापेक्ष 86,270 हेक्टेयर और मूंग का लक्ष्य 7,882 हेक्टेयर था और किसानों ने 7,852 हेक्टेयर में बुवाई की है।
बुवाई तो अच्छी पैदावार की उम्मीद से की गई थी, लेकिन मानसून दगा दे गया है। इस कारण उरद और मूंग की फसल बरबादी की कगार पर पहुंच गई है। यदि दो दिन पानी नहीं बरसता है तो उड़द और मूंग की फसल किसान के हाथ से निकल जाएगी। इतना ही नहीं, पानी नहीं बरसता है तो आने वाले रबी सीजन में गेहूं, चना, मटर, सरसों और लाही की फसल की उम्मीद बहुत कम है। जबकि, कम पानी में पैदा होने वाली खरीफ सीजन में तिल की फसल की बंपर पैदावार होने की उम्मीद है। खेतों में तिल की अच्छी पैदावार होने की संभावना नजर आ रही है।
ये है पानी की स्थिति
जिले में औसत वर्षा 82.50 सेंटीमीटर होती है। 15 जून से लेकर 15 अगस्त तक सिर्फ 25 सेंटीमीटर (30.66 प्रतिशत) पानी बरसा है, जो बहुत कम है। अभी बरसात के सीजन का पर्याप्त समय है, इसलिए सूखा पड़ेगा या नहीं, इस बारे में कुछ भी नहीं कहा जा सकता।
जिला अब तक हुई बरसात
बांदा 402 मिलीमीटर (40.2 सेंटीमीटर)
जालौन 178 मिलीमीटर (17.8 सेंटीमीटर)
हमीरपुर 226 मिलीमीटर (22.6 सेंटीमीटर)
ललितपुर 215 मिलीमीटर (21.5 सेंटीमीटर)
महोबा 270 मिलीमीटर (27.0 सेंटीमीटर)
चित्रकूट 64.9 मिलीमीटर (64.9 सेंटीमीटर)
ज्यादा पानी बरसने से तिल होगा खराब
किसानों ने कम पानी में पैदा होने वाली तिल की फसल की रिकार्ड बुवाई कर दी है। पानी कम बरस रहा है, इसलिए फसल अच्छी पैदा होने की उम्मीद है। यदि मूसलाधार पानी बरस गया और खेतों में भर गया तो तिल खराब हो जाएगा।
- दुर्गेश कुमार सिंह
जिला कृषि अधिकारी