अभियान का लोगो और पीडीएफ
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अफसरों की सरपरस्ती में ‘गोरखधंधा’
सब हेड: अवैध होर्डिंग से तीन महीने में नगर निगम को 53 लाख की चपत
क्रासर
- पूरे शहर में तने हुए हैं डेढ़ हजार अवैध प्रचारपट
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
अफसरों की सरपरस्ती में चल रहे अवैध होर्डिंग के गोरखधंधे के कारण पिछले तीन महीने में नगर निगम को 53 लाख रुपये की चपत लग चुकी है। शहर में करीब डेढ़ हजार अवैध होर्डिंग लगे हैं। अवैध होर्डिंग लगाने वालों का सत्ताधारी दल से जुड़े होने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं।
शहर अब स्मार्ट हो रहा है। लेकिन, जहां-तहां तने बेतरतीब होर्डिंग इसकी सुंदरता में ग्रहण का काम तो कर ही रहे हैं, अवैध रूप से लगे होने के कारण राजस्व को भी हानि पहुंचा रहे हैं। वित्त वर्ष 2017-18 शुरू हुए तीन महीने पूरे होने को हैं, लेकिन अवैध होर्डिंगों का कब्जा मुक्त नहीं हो सका है। जो होर्डिंग ताने हैं उन्हें ठेका नहीं मिला है, इस वजह से वह किराया नहीं दे रहे हैं। जिसे ठेका मिला है वह कंपनी काम नहीं कर पा रही है। नगर निगम के अनुसार शहर में होर्डिंग लगाने की 588 साइटें हैं, लेकिन होर्डिंग 1,500 से अधिक साइटों पर लगी हुई हैं।
बीस गुणा दस फिट लंबाई और चौड़ाई की होर्डिंग में से केवल दो सौ होर्डिंग की दरें तय की जाएं तो लगभग 7.20 लाख रुपये महीने का राजस्व नगर निगम का बनता है। इस हिसाब से तीन महीने में 21 लाख 60 हजार रुपये का चूना लग चुका है। अवैध होर्डिंग हटाए बिना नगर निगम का अधिकृत ठेकेदार विभाग में पैसा जमा नहीं कर रहा है। अब तक उसे 32 लाख रुपये जमा करने थे। यह भी नुकसान नगर निगम को हो गया। कुल मिलाकर 53 लाख रुपये की चपत अब तक लग चुकी है।
यह नुकसान तो वह है, जो दिखाई दे रहा है। इसके अलावा किसी मंत्री या वीआईपी के आगमन पर स्वागत के नाम पर होर्डिंग, कियोस्क और पैनल लगाए जाते हैं, जिसका टेक्स कभी नगर निगम को नहीं मिलता है। नगर निगम के अफसरों की साठगांठ से अवैध रूप से होर्डिंग लगाकर मालामाल हो रहे हैं। वहीं, अधिकारी ठेकेदारों की सत्ता से सेटिंग बताकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं।
जल्द हटवाएंगे
अब शहर स्मार्ट हो गया है। किसी को भी बेतरतीब अथवा मनमाने तरीके से होर्डिंग लगाने की अनुमति नहीं है। सभी अवैध होर्डिंग हटवाएंगे। एक ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर करा दी गई है। दूसरों पर भी कराएंगे। यदि किसी अधिकारी की संलिप्तता मिली तो उस पर भी कार्रवाई करेंगे।
- प्रताप सिंह भदौरिया, नगर आयुक्त