अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। झांसी जेल में बंद 19 बंदी और कैदी एचआईवी संक्रमित हैं। इस साल ही चार नए मरीज सामने आ चुके हैं। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के एआरटी सेंटर के जरिए इन सभी का इलाज चल रहा है।
जेल में समय-समय पर बंदियों और कैदियों की एचआईवी की जांच भी की जाती है। जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर मरीज का पंजीकरण मेडिकल काॅलेज के एआरटी सेंटर में किया जाता है। यहां से मरीजों को इलाज के लिए नि:शुल्क दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। मौजूदा समय में जेल में बंद 19 कैदी, बंदी एचआईवी संक्रमित हैं। सेंटर के आंकड़ों को देखें तो वर्ष 2017 में दो कैदी एचआईवी संक्रमित मिले थे। इसके बाद दो साल तक कोई केस नहीं आया। पिछले पांच सालों से लगातार एचआईवी संक्रमित मिल रहे हैं।
यूं सामने आए मरीज
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वर्ष एचआईवी संक्रमित
2020 1
2021 1
2022 9
2023 4
2024 4
ये भी जानें
झांसी जेल की क्षमता 536 है। मौजूदा समय में यहां पर लगभग 1500 कैदी हैं। दिसंबर 2023 तक के आंकड़ों को देखें तो करीब पांच फीसदी कैदी बीपी, डायबिटीज, हाइपरटेंशन, ह्रदय रोग, कैंसर समेत किसी न किसी बीमारी से जूझ रहे हैं।
वर्जन..
एचआईवी संक्रमितों का एआरटी सेंटर में पंजीकरण होता है। सेंटर के जरिए नि:शुल्क दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। यदि जेल का कोई कैदी अथवा बंदी संक्रमित निकलता है तो उसका भी नि:शुल्क इलाज किया जाता है। - डॉ. एनएस सेंगर, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।