महानगर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए रखे गए सफाई कर्मचारियों में से 183 मुफ्त की पगार पा रहे हैं। यह खुलासा दस हजार आबादी पर बीस सफाई कर्मी तैनात करने के लिए बनाई जा रही सूची के दौरान हुआ है। यह कर्मचारी कहीं पर भी सफाई कार्य नहीं कर रहे हैं। अब नगर निगम इन्हें समायोजित करने या हटाने की तैयारी में जुट गया है।
अभी तक महानगर में सफाई कर्मचारियों की तैनाती के लिए कोई मानक नहीं था। जो पार्षद जितनी ताकत दिखाता था, उसके वार्ड में उतने ही सफाई कर्मी तैनात कर दिए जाते थे। इसका नतीजा यह हुआ कि कामचोर सफाई कर्मचारियों ने सेटिंग-गेटिंग कर मनमाने वार्डों में तैनाती पा ली। इससे दूसरे वार्डों के पार्षद सफाई कर्मियों की कमी की शिकायतें करने लगे। पार्षदों की ओर से लगातार आ रहीं शिकायतों को संज्ञान में लेकर नगर आयुक्त ने निर्देश दिए कि अब दस हजार आबादी पर 20 सफाई कर्मी तैनात किए जाएंगे। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को सूची तैयार करने के निर्देश दिए। 539 स्थाई सफाई कर्मी हैं, इसके सापेक्ष 218 पद खाली चल रहे हैं। साढ़े छह सौ में 170 संविदा सफाई कर्मियों के पद खाली चल रहे हैं। बदले में 389 आउट सोर्सिंग कंपनी से सफाई कर्मी लगाए गए हैं।
नगर आयुक्त अरुण प्रकाश ने बताया कि एक दो-दिन में सूची तैयार हो जाएगी। इसके बाद सभी वार्डों में मानक के अनुसार ही सफाई कर्मी तैनात किए जाएंगे। जो सफाई कर्मी अभी कोई काम नहीं कर रहे हैं, यदि आउटसोर्स पर हैं तो उन्हें हटा दिया जाएगा।
सफाई कर्मी का मोबाइल नंबर दर्ज होगा
शहर को सफाई कार्य के हिसाब से दस सर्किल में बांटा गया है। किस सर्किल में कितने सफाई कर्मी तैनात हैं, इसका कोई ब्योरा नहीं होता है। लेकिन, अब सफाई कर्मियों का मोबाइल नंबर सेंटर पर लिखा जाएगा। इसके अलावा यह भी लिखा जाएगा कि कर्मचारी का कार्य क्षेत्र कहां से कहां तक है। यह इसलिए लिखा जाएगा ताकि यदि किसी क्षेत्र में सफाई कर्मी नहीं आता है तो मोबाइल नंबर से उसकी जानकारी की जा सके और उसके गैरहाजिर होने पर नगर निगम में सूचना दी जा सके।
आफिस की डाक बांट रहे
कई सफाई कर्मी ऐसे हैं, जो नगर निगम कार्यालय में अटैच हैं। वह सफाई कर्मी की पगार ले रहे हैं, लेकिन डाक बांटने के काम में लगे हैं। इन सबकी छंटनी की जा रही है।