अब दो बार खिलाई जाएगी पेट के कीड़े मारने की दवा
- कृमि मुक्ति कार्यक्रम के तहत 10 व 17 अगस्त को होगा आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। प्रदेश में एक से 19 साल के 76 प्रतिशत बच्चे कृमि संक्रमण का शिकार हैं। इसलिए सरकार ने प्रदेश में साल में दो बार कृमि मुक्ति कार्यक्रम चलाने का फैसला किया है। जनपद में 10 अगस्त को कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन किया जाएगा। वहीं, 17 अगस्त को मॉपअप दिवस होगा।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बच्चों में पेट के कीड़े के संक्रमण को विश्वव्यापी जन स्वास्थ्य समस्या माना है। इस कारण एक ओर बच्चों का शारीरिक और बौद्धिक विकास बाधित होता है, दूसरी ओर उनके पोषण और हीमोग्लोबिन स्तर पर भी प्रभाव पड़ता है। शासन से सभी जिलों को भेजे गए पत्र के मुताबिक प्रदेश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के एक से 19 साल तक के सभी बच्चों को कृमि संक्रमण से बचाने के लिए 10 अगस्त को पेट के कीड़े मारने वाली गोली (एल्बेंडाजाल) खिलाई जाएगी। यदि कोई बच्चा दवा खाने से छूट जाता है तो 17 अगस्त को दोबारा उसे दवा खिलाई जाए। कार्यक्रम का क्रियान्वयन स्वास्थ्य, बेसिक, माध्यमिक शिक्षा और बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के समन्वय से किया जाएगा। एक से पांच साल तक के सभी पंजीकृत बच्चों और छह से 19 साल तक के स्कूल न जाने वाले सभी बालक-बालिकाओं, ईंट भट्ठों पर काम करने वाले श्रमिकों और घुमंतू लाभार्थियों को आंगनबाड़ी केंद्र पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के जरिए पेट के कीड़े की गोली खिलाई जाएगी। इसके अलावा छह से 19 साल, कक्षा एक से 12 तक के सभी विद्यार्थियों को सरकारी, सहायता प्राप्त, प्राइवेट स्कूलों, मदरसों, पॉलीटेक्निक और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में शिक्षकों के जरिए यह दवा खिलाई जाएगी।