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गुरु के जोर से निखरे किशोर
एशिया कप हॉकी में गोल्ड मेडल जीत चुके, अब टीम इंडिया में शामिल होने का सपना
ध्यानचंद स्टेडियम में चल रहे गोल्ड कप में दिल्ली की ओर से खेल रहे हैं
झांसी।
ध्यानचंद स्टेडियम के एस्ट्रोटर्फ पर चल रहे गोल्ड कप हॉकी टूर्नामेंट में दिल्ली की टीम से खेल रहे किशोर आर्या का ख्वाब टीम इंडिया का सदस्य बनना है। इससे पहले वह अंडर 18 एशिया कप हॉकी में गोल्ड मेडल जीत चुके हैं। वह बताते हैं, कि कोच की मेहनत से वह इस मुकाम पर पहुंच सके हैं।
दिल्ली के हौैज खास के रहने वाले 12वीं के छात्र किशोर आर्या के पिता प्राइवेट नौकरी कर परिवार का भरण पोषण करते हैं। उन्होंने बताया कि वह दिल्ली के गवर्नमेंट बॉयज सीनियर सेकेंड्री स्कूल में पढ़ते हैं। 12 साल के थे तब उनके स्कूल में पहली बार हॉकी के कोच की नियुक्ति हुई। उसी वक्त उन्होंने पहली बार अपने हाथों में हॉकी थामी थी। कोच के. अरुमुगन ने उनके हुनर को परखा और उनके खेल को काफी हद तक सुधारा। एक साल बाद डिस्ट्रिक लेबल की चैंपियनशिप खेलीं। उसमें सुधार के साथ बेहतरीन प्रदर्शन के आधार पर उन्हें राज्य स्तरीय प्रतियोगिता खेलने का मौका मिला।
दो राज्य स्तरीय मैच खेलने के बाद उन्हें नेशनल मैच में प्रवेश मिला। दिल्ली की ओर से उन्होंने नेशनल मैच खेले और किस्मत ने उन्हें एक और बेहतरीन मौका देते हुए जूनियर इंडिया कैंप में प्रवेश दिलाया। कैंप में उन्हें कई ऐसे हुनर की सीख मिली जिनकी उन्हें तलाश थी। उस सुधार के बल पर उन्होंने अंडर 18 एशिया कप में बेहतरीन प्रदर्शन किया ओर गोल्ड मेडल हासिल किया। किशोर का कहना है कि अपनी उनका सपना पूरा नहीं हुआ है। जूनियर और सीनियर कैंप में दोबारा जाकर और ट्रेनिंग लेने के बाद जब तक वह भारत की टीम में शामिल नहीं हो जाते तब तक उनका सपना अधूरा रहेगा।