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इलेक्ट्रॉनिक कांटों पर रखे हैं बोरे और बंद पड़े शौचालय-City

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इलेक्ट्रॉनिक कांटों पर रखे हैं बोरे और बंद पड़े शौचालय
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झांसी। पुरानी मंडी में अव्यवस्थाओं का अंबार होने से किसान, कर्मचारी परेशान हैं। तीनों टिन शेड माल से भरे हुए हैं। मंडी परिसर में जगह-जगह किसानों का माल रखा होने से कांटों पर तौल नहीं हो पा रही है। सभी शौचालय बंद पड़े हैं। इससे सबसे ज्यादा परेशानी महिला कर्मचारियों को हो रही है।
मौजूदा समय में मंडी में मूंगफली, सफेद तिल, उड़द की आवक हो रही है। हर दिन सर्वाधिक मूंगफली के लगभग 20 हजार बोरे मंडी में आते हैं। उड़द के तीन से चार हजार तो तिल के डेढ़ से दो हजार बोरे की आवक होती है। भारी संख्या में बोरे आने से मंडी में पैर रखने की भी जगह बमुश्किल मिलती है। टिन शेड बोरों से भरे पड़े हैं। मुख्य गेट से दाखिल होते ही दो इलेक्ट्रॉनिक कांटे तौल के लिए बने हैं। उन पर मूंगफली आदि के बोरे रखे होने से तौल नहीं हो पा रही है। मैनुअली तौल कराने में काफी समय लग जाता है। ट्रैक्टर, डीसीएम अंदर खड़े रहने से मंडी में जाम लग जाता है। यहीं नहीं, मंडी में पुरुष और महिला कर्मचारी बोरे उठाने व अन्य कार्य में लगे रहते हैं लेकिन गंदगी भरे होने से सभी शौचालय बंद पड़े हुए हैं। कर्मचारी खुले में शौच को मजबूर हैं। सबसे ज्यादा परेशानी महिला कर्मचारियों को हो रही है।
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व्यापारी बोले
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तमाम समस्याएं, प्रीमियम ज्यादा
मंडी में भीड़ ज्यादा होने से इलेक्ट्रॉनिक कांटे पर तौल नहीं हो पा रही है। किसानों की आवक के मुकाबले मंडी का क्षेत्रफल कम है। टीनशेड में माल रखने की जगह नहीं है। भोजला में मंडी तो बना दी पर 27 लाख रुपये प्रीमियम तय कर दिया। जबकि, ये मंडी शुल्क के आधार पर होना चाहिए था। - हरभजन साहू।

सफाई नहीं, बढ़ाए जाएं गार्ड
मंडी में सही तरीके से सुरक्षा गार्ड लगा दिए जाएं, तो काफी समस्या ठीक हो जाएगी। मंडी में गंदगी का ढेर है और सफाई नहीं हो रही है। शौचालय भी बंद हैं। मंडी समिति की लापरवाही से किसान और मजदूरों को परेशान होना पड़ रहा है। समिति को जल्द समाधान कराना चाहिए। - प्रमोद अग्रवाल।
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वर्जन..
भोजला में जल्द शिफ्ट होगी मंडी
इतनी भीड़ में कांटा चलाना मुश्किल है। किसान कांटे के ऊपर ही माल उतार देते हैं। वहीं, मैनुअल तौल कराने पर ही संतुष्ट होते हैं। भोजला में सौ एकड़ में नई मंडी बनी हुई है। यहां मंडी शिफ्ट हो जाने के बाद कोई समस्या नहीं होगी। जल्द ही इस दिशा में कार्रवाई की जाएगी। पुरानी मंडी के शौचालय जल्द साफ कराए जाएंगे। - मनीष सिंह, मंडी सचिव।
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