निजी पैथोलॉजी केंद्र पर मुफ्त अल्ट्रासाउंड जल्द
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत पीपीपी मॉडल पर योगी सरकार ने निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों से अनुबंध कर लिया है। इसके बाद ग्रामीण स्तर पर बनी फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को निजी केंद्रों के जरिए नि:शुल्क अल्ट्रासाउंड की सुविधा मिल सकेगी। इसका खर्च भी सरकार उठाएगी। इसका लाभ सबसे पहले मऊरानीपुर स्थित कें द्र पर दिया जाएगा।
हर महीने की नौ तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस मनाया जाता है। इस दौरान हाई रिस्क प्रेगनेंसी वाली महिलाओं को व्यापक और गुणवत्तायुक्त प्रसव पूर्व देखभाल की जाती है। गर्भावस्था की दूसरी व तीसरी तिमाही पर अल्ट्रासाउंड जांच होती है। झांसी में ब्लाक स्तर मऊरानीपुर और बबीना एफआरयू हैं। यहां पर अल्ट्रासाउंड मशीन न होने से गर्भवतियों को या तो निजी केंद्रों पर या फिर मेडिकल कॉलेज, जिला महिला अस्पताल आकर अल्ट्रासाउंड करवाना पड़ता है। अब प्रदेश सरकार गर्भवतियों को एफआरयू केंद्र पर ही अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा मुहैया कराएगी। इसके लिए एफआरयू केंद्र के पास स्थिति प्राइवेट अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालकों से अनुबंध किया गया है। इसके तहत गर्भवतियों का एफआरयू केंद्र में ही नि:शुल्क अल्ट्रासाउंड होगा। जिला कार्यक्रम प्रबंधक ऋषिराज सिंह ने बताया कि शुरूआती दौर में झांसी के मऊरानीपुर स्वास्थ्य केंद्र समेत प्रदेश की 50 स्वास्थ्य इकाइयों में यह योजना शुरू होने जा रही है। झांसी में दस जुलाई को इस योजना का उद्घाटन हो सकता है।
बचेंगे पैसे, कम होगा लोड
निजी केंद्रों पर अल्ट्रासाउंड कराने पर गर्भवती के 500 से 700 रुपये खर्च हो जाते हैं। अब यह पैसा बच सकेगा। वहीं, जो मुख्यालय स्तर पर महिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में एफआरयू केंद्रों के पड़ने वाला लोड भी कम हो सकेगा।
- प्रदेश की 50 इकाइयों पर गर्भवती महिलाओं को सरकार देगी सुविधा
- पीपीपी मॉडल के तहत अनुबंध, मऊरानीपुर में सीएचसी पर होगी जांच